Stock Market Today: अमेरिकी रिटेल डेटा उम्मीद से कम, फेड की ब्याज दर कटौती की संभावना बढ़ी

Stock Market Today: वैश्विक बाजारों में तेजी और विदेशी निवेशकों की लिवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को चार दिनों की गिरावट के बाद मजबूती के साथ बंद किया। बीएसई सेंसेक्स में 447.55 अंक की तेजी आई और यह 84,929.36 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 150.85 अंक बढ़कर 25,966.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने एक समय 85,067.50 अंक तक का उच्चतम स्तर भी छुआ।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी नवंबर के खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद से कम आए हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा आगे ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी। यह निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत था, जिससे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर. ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती और वैश्विक संकेतकों से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
सेंसेक्स और निफ्टी में प्रमुख शेयरों की स्थिति
सेंसेक्स के 30 शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फिनसर्व के शेयर तेजी में रहे। इसके विपरीत, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया। निफ्टी के शेयरों में भी इसी तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन व्यापक रूप से बाजार सकारात्मक रहा।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार भी सकारात्मक संकेत दे रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजारों ने बृहस्पतिवार को तेजी दिखाई थी।
एफआईआई और डीआईआई निवेश, क्रूड तेल की स्थिति
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 595.78 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 2,700.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.40 प्रतिशत गिरकर 59.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेश और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों से प्रेरित वैश्विक बाजारों की मजबूती के कारण भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान कायम रहा। निवेशकों की धारणा और रुपये की मजबूती ने भी घरेलू शेयरों की खरीदारी को प्रोत्साहित किया।
