शेयर बाजार में तेजी, लेकिन रुपया धराशायी – निवेशकों की सांसें अटकीं अमेरिकी टैरिफ विवाद पर

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। BSE सेंसेक्स 150 अंक की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी 45 अंकों की तेजी दिखा रहा था। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सीमित हलचल देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्स में FMCG ने 1% की मजबूत बढ़त दर्ज की, जबकि ऑटो सेक्टर 0.6% गिरावट में रहा।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी में शुरुआती कारोबार में कोटक महिंद्रा बैंक, जियो फाइनेंशियल, टाटा स्टील, TCS और एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स रहे। वहीं, श्रिराम फाइनेंस, अपोलो हॉस्पिटल्स, टाइटन, L&T और ICICI बैंक सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे। निवेशकों की नज़र सेक्टरल मूवमेंट के साथ-साथ डॉलर-रुपया बाज़ार पर भी टिकी रही।
रुपया 18 पैसे गिरा, 87.76 पर पहुंचा
विदेशी पूंजी के लगातार बहिर्गमन और महीने के अंत में डॉलर की बढ़ी हुई मांग के चलते शुक्रवार को रुपया 18 पैसे टूटकर 87.76 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 87.73 पर खुला और फिर 87.76 पर फिसल गया। गुरुवार को रुपया 87.58 पर बंद हुआ था। ट्रेडर्स का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ से दबाव बरकरार है, लेकिन डॉलर की कमजोरी से थोड़ी राहत मिली है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता की उम्मीदें
इसी बीच, भारत ने अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करने की उम्मीद जताई है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50% टैरिफ को हल करना इस डील के लिए सबसे अहम कदम होगा। हालांकि, अगली बातचीत की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
निवेशकों की नजर आगे की दिशा पर
फिलहाल निवेशक इस बात पर नज़र बनाए हुए हैं कि अमेरिकी टैरिफ और डॉलर की चाल भारतीय बाजारों को कितना प्रभावित करेगी। जहां एक ओर सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूती दिखाई है, वहीं रुपया कमजोर हुआ है। आने वाले दिनों में ग्लोबल सेंटिमेंट और ट्रेड डील की खबरें बाजार की दिशा तय करेंगी।