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Stock Market News: विदेशी निवेशकों की बिक्री से शेयर बाजार डूबा, क्या रुपया और गिरावट बढ़ाएंगे दबाव?

Stock Market News: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर गिरने और वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलने के कारण भारी दबाव देखने को मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 533.50 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 84,679.86 पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान यह 84,620.61 तक गिर गया था। वहीं, एनएसई का निफ्टी 167.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,860.10 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा दिन था जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सोमवार को भी बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली थी।

बाजार गिरावट के कारण

सेंसेक्स के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट एक्सिस बैंक में देखने को मिली, जो 5.03 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा ईटरनल, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। वहीं, कुछ चुनिंदा शेयर जैसे टाइटन, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स ने मजबूती दिखाई। सेक्टोरल लेवल पर बैंकिंग और आईटी शेयरों की कमजोरी ने भी बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला।

वैश्विक बाजारों का असर

घरेलू निवेशकों को वैश्विक बाजारों से भी कोई खास मदद नहीं मिली। प्रमुख एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स तेज़ी से नीचे बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में दोपहर की ट्रेडिंग में मिश्रित रुझान देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को नीचे बंद हुए। इन कमजोर वैश्विक संकेतों ने घरेलू निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

रुपए की गिरावट और विदेशी निवेशकों का दबाव

निवेशकों के लिए चिंता का मुख्य कारण रुपये की लगातार गिरावट रही। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 26 पैसे गिरकर 91.04 रुपये प्रति डॉलर (अनंतिम) पर बंद हुआ, जो एक नया रिकॉर्ड स्तर है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली, कमजोर वैश्विक माहौल और रुपये की रिकॉर्ड गिरावट ने घरेलू इक्विटी बाजार को नकारात्मक क्षेत्र में धकेल दिया। सोमवार को FIIs ने कुल ₹1,468.32 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) ने ₹1,792.25 करोड़ के शेयर खरीदे। इसके बावजूद, विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली, ब्रेंट क्रूड 1.54 प्रतिशत गिरकर $59.63 प्रति बैरल पर बंद हुआ। कुल मिलाकर कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी पूंजी का बहिर्वाह और रुपये की ऐतिहासिक गिरावट ने निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव डाला और बाजार में तेज गिरावट आई।

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