शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी, सेंसेक्स निफ्टी हरे निशान पर, टाटा स्टील ने दिखाया दम

गुरुवार 29 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुए। दिन की शुरुआत में बाजार पर दबाव जरूर देखने को मिला लेकिन दोपहर बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। टाटा स्टील और लार्सन एंड टुब्रो जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई। इसके साथ ही संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। सर्वे में अगले वित्त वर्ष के लिए 6.8 से 7.2 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान जताया गया है। इसी सकारात्मक संकेत का असर बाजार पर दिखा। बीएसई सेंसेक्स 221 अंकों की बढ़त के साथ 82566.37 के स्तर पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 76 अंकों की तेजी के साथ 25418.90 पर पहुंच गया। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार की यह वापसी निवेशकों के लिए राहत भरी रही।
सुबह की गिरावट से दोपहर की रिकवरी तक का सफर
कारोबार की शुरुआत में शेयर बाजार दबाव में नजर आया। सेंसेक्स सुबह के कारोबार में एक समय 636 अंकों से ज्यादा टूटकर 81707.94 तक आ गया था। वहीं निफ्टी भी फिसलकर 25159.80 के स्तर पर पहुंच गया था। वैश्विक संकेतों और कुछ चुनिंदा शेयरों में बिकवाली के चलते निवेशक सतर्क दिखे। लेकिन जैसे ही दोपहर का सत्र शुरू हुआ बाजार में धीरे धीरे खरीदारी लौटने लगी। बड़े निवेशकों ने गिरावट को मौके की तरह लिया और चुनिंदा शेयरों में पैसा लगाया। इसका असर यह हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने नुकसान से उबरते हुए तेजी पकड़ ली। दिन के अंत तक बाजार पूरी तरह संभल गया और मजबूती के साथ बंद हुआ।
इन शेयरों ने दिखाई मजबूती और कुछ में रही कमजोरी
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील सबसे ज्यादा फायदे में रहा। इसके शेयरों में 4.41 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। लार्सन एंड टुब्रो के शेयर भी 3.66 प्रतिशत चढ़े। कंपनी ने अक्टूबर दिसंबर तिमाही में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 71450 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया था। इसके अलावा एक्सिस बैंक एनटीपीसी अडानी पोर्ट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर एशियन पेंट्स इंडिगो मारुति और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयरों में गिरावट रही। निवेशकों ने मुनाफावसूली के चलते इन शेयरों से दूरी बनाए रखी। कुल मिलाकर बाजार में चुनिंदा सेक्टरों पर ही ज्यादा फोकस देखने को मिला।
विदेशी निवेश और वैश्विक बाजारों का असर
बाजार की मजबूती के पीछे विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की भूमिका भी अहम रही। बाजार आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 480.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3360.59 करोड़ रुपये की खरीदारी की। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार आर्थिक सर्वे के सकारात्मक संकेत और महंगाई में स्थिरता के चलते बाजार शुरुआती गिरावट से उबर सका। एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी जापान का निक्केई चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सभी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी दोपहर के कारोबार में मजबूती दिखा रहे थे। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला और ब्रेंट क्रूड 2.50 प्रतिशत चढ़कर 70.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इन सभी संकेतों ने भारतीय बाजार की धारणा को मजबूत बनाए रखा।
