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Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट का सच

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 12 फरवरी को तेज गिरावट देखी। BSE सेंसेक्स 465 अंक फिसलकर 83,769.10 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 25,821 से नीचे ट्रेड करता रहा। ट्रेडिंग के दौरान आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। निवेशकों का भरोसा कमजोर होता गया और बाजार में बेचैनी साफ दिखाई दी। आईटी क्षेत्र के प्रमुख शेयर जैसे Infosys, Wipro और Tech Mahindra निफ्टी से 5 प्रतिशत तक नीचे आए। इस गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

वैश्विक बाजारों का नकारात्मक प्रभाव

आज के बाजार में वैश्विक संकेत भी सहायक नहीं रहे। एशियाई बाजारों में दबाव देखा गया और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहा था। इसी तरह, अमेरिका के स्टॉक मार्केट ने बुधवार को नुकसान के साथ बंद किया। कमजोर वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार पर सीधे असर डाला। निवेशकों की चिंता बढ़ी और इससे बाजार में गिरावट आई। विदेशी बाजारों की अनिश्चितता ने घरेलू निवेशकों को सतर्क कर दिया।

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट का सच

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और आईटी शेयरों की बिकवाली

यूएस और ईरान के बीच जारी तनाव से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं। गुरुवार को वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.46 प्रतिशत बढ़कर $69.72 प्रति बैरल पहुंच गई। बढ़ती तेल कीमतें महंगाई का खतरा बढ़ाती हैं और इसे बाजार में गिरावट का एक कारण माना जा रहा है। इसी दौरान निवेशकों ने आईटी शेयरों में भारी प्रॉफिट बुकिंग की। निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत गिर गया। Infosys, Wipro, TCS और Tata Elxsi जैसे शेयर 5 से 6 प्रतिशत तक नीचे आए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी हाल की चुनौतियां और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की कम संभावना भी गिरावट के कारणों में शामिल हैं।

बाजार की वर्तमान स्थिति

लगभग 11:50 बजे सुबह दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे। BSE सेंसेक्स 464.54 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 83,769.10 पर था। निफ्टी 50 25,824.05 पर था, जो 129.80 अंक या 0.50 प्रतिशत कम था। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक दबाव, बढ़ती तेल कीमतें और आईटी शेयरों की बिकवाली ने मिलकर बाजार में कमजोरी पैदा की है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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