Starlink लाएगा हाई स्पीड इंटरनेट क्रांति, कीमत और कनेक्शन को लेकर आई बड़ी जानकारी

Starlink: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक भारत में शुरू होने के बेहद करीब है। भले ही इसकी आधिकारिक तारीख का ऐलान अभी नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि यह सेवा अगले कुछ महीनों में शुरू हो सकती है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने स्टारलिंक को लेकर कई जरूरी जानकारी साझा की है। इसमें इंटरनेट की कीमत, स्पीड और कनेक्शन लिमिट जैसी बातें शामिल हैं। भारत के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के लिए यह सेवा गेमचेंजर साबित हो सकती है।
स्टारलिंक की कीमत कितनी होगी?
स्टारलिंक सेवा के लिए शुरुआती सेटअप खर्च करीब 30,000 से 35,000 रुपये के बीच होगा। यानी ग्राहक को एक बार यह राशि चुकाकर स्टारलिंक का उपकरण लगवाना होगा। इसके बाद हर महीने 3,000 से 4,200 रुपये का रिचार्ज प्लान देना होगा। यह प्लान यूज़र के स्थान और डेटा उपयोग के आधार पर तय होगा। इस कीमत पर महानगरों में जहां पहले से सस्ते और तेज इंटरनेट विकल्प मौजूद हैं वहां यह सेवा ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सकती। लेकिन ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में जहां नेटवर्क की समस्या है वहां स्टारलिंक एक बड़ा डिजिटल बदलाव ला सकती है।
इंटरनेट स्पीड और कनेक्शन सीमा क्या होगी?
स्टारलिंक की मौजूदा सेवा 25 Mbps से 225 Mbps तक की स्पीड दे सकती है। औसतन 220 Mbps की स्पीड मिलने की संभावना है जो काफी बेहतर मानी जा सकती है। हालांकि, सरकार ने स्टारलिंक को भारत में केवल 20 लाख कनेक्शन देने की अनुमति दी है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि देश की मौजूदा इंटरनेट कंपनियां जैसे जिओ और एयरटेल को नुकसान न हो। इसके अलावा, स्टारलिंक अपनी हार्डवेयर सप्लाई के लिए भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करेगी जिससे लोकल स्तर पर सेवा और तकनीकी सहायता बेहतर हो सकेगी।
भविष्य में और भी तेज होगा स्टारलिंक इंटरनेट
स्टारलिंक की योजना सिर्फ वर्तमान सेवा तक सीमित नहीं है। कंपनी 2026 तक अगली पीढ़ी के सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना बना रही है। ये सैटेलाइट हर एक उपग्रह से 1000 Gbps तक की क्षमता देंगे। इसका मतलब है कि आने वाले समय में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड कई गुना बढ़ जाएगी। यह तकनीक खासकर उन क्षेत्रों के लिए बहुत लाभदायक होगी जहां अभी भी ब्रॉडबैंड या मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है।