Sonu Sood: विलेन के किरदार से निकलकर बना लॉकडाउन का हीरो, हर बेबस की आवाज़ बना

फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाकर दर्शकों को डराने वाले अभिनेता Sonu Sood ने COVID-19 महामारी के दौरान जो रूप दिखाया, उसने उन्हें करोड़ों लोगों के दिलों का ‘मसीहा’ बना दिया। जब देशभर में लॉकडाउन के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे और प्रवासी मजदूर अपने गांवों तक पहुंचने को तरस रहे थे, तब सोनू सूद उनके लिए एक देवदूत बनकर सामने आए। उन्होंने अपने खर्चे पर हजारों मजदूरों को उनके घर पहुंचाया। यही नहीं, उन्होंने जरूरतमंदों को खाना, पानी, दवाइयां और रोजगार तक दिलवाने का बीड़ा उठाया।
प्रवासी मजदूरों के लिए बने ‘मसीहा’
कोरोना काल के दौरान जब प्रवासी मजदूरों की हालत सबसे ज्यादा खराब थी, तब सरकार की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही थीं। ऐसे में सोनू सूद ने एक के बाद एक कई राज्यों में फंसे लोगों के लिए बसें चलवाईं, स्पेशल ट्रेनें बुक कराईं और यहां तक कि फ्लाइट्स तक का इंतजाम कर दिया। उनका यह मानवीय रूप सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहा गया और देखते ही देखते वह देश के हर कोने में ‘रियल हीरो’ के नाम से पहचाने जाने लगे। सोनू सूद की टीम दिन-रात काम कर रही थी ताकि किसी भी जरूरतमंद को मदद से वंचित न रहना पड़े।
कोविड काल में किए गए अन्य बड़े कार्य
सिर्फ प्रवासी मजदूर ही नहीं, सोनू सूद ने अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर, जीवन रक्षक दवाइयों और जरूरी मेडिकल इक्विपमेंट की भी व्यवस्था करवाई। उन्होंने ‘इलाज इंडिया’ जैसी हेल्थ सर्विस शुरू की, जिससे गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई। इसके अलावा, उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की शुरुआत की, ई-रिक्शा मुहैया कराए, रोजगार देने के लिए वेबसाइट्स शुरू कीं और अपने हर कदम से यह दिखाया कि इंसानियत सबसे बड़ी सेवा है।
विदेशों में फंसे छात्रों की भी मदद की
सोनू सूद ने केवल देश के भीतर ही नहीं बल्कि विदेशों में फंसे भारतीय छात्रों की भी मदद की। उन्होंने किर्गिस्तान में फंसे 1,500 से ज्यादा छात्रों और रूस के मॉस्को में फंसे करीब 100 मेडिकल छात्रों को वापस भारत लाने की व्यवस्था की। उनके इस उत्कृष्ट मानवीय प्रयास के लिए उन्हें यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) द्वारा ‘स्पेशल ह्यूमैनिटेरियन एक्शन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। हाल ही में हुए 72वें मिस वर्ल्ड फेस्टिवल 2025 में भी उन्हें यह पुरस्कार मिला।
सोनू सूद का करियर और पारिवारिक जीवन
सोनू सूद ने फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ (2005) से अपने करियर की शुरुआत की थी और ‘दबंग’, ‘जोधा अकबर’, ‘सिंह इज़ किंग’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय किया। हालांकि वह फिल्मों में ज्यादातर खलनायक के रूप में नजर आए, लेकिन असल जिंदगी में वह किसी देवता से कम नहीं हैं। उनकी पत्नी सोनाली सूद भी एक निर्माता हैं और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहना पसंद करती हैं। यह जोड़ा अपने बेटे के साथ मुंबई के एक शानदार 4BHK फ्लैट में रहता है। सोनू सूद आज भी कई जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं और उनकी यही भावना उन्हें खास बनाती है।