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Silver Price Today: ₹2 लाख प्रति किलो पार कर चांदी ने इतिहास रचा, क्या यह तेजी लंबी अवधि तक जारी रहेगी?

Silver Price Today: 12 दिसंबर, शुक्रवार को भारतीय बाजार में चाँदी ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। MCX पर चाँदी की कीमत पहली बार ₹2,01,388 प्रति किलोग्राम तक पहुँच गई, जबकि IBJA पर यह ₹1,95,180 प्रति किलोग्राम पर पहुंची। इस दौरान MCX पर चाँदी का व्यापार ₹2,00,510 पर हुआ और पिछले सत्र की तुलना में इसमें 0.79% यानी ₹2,067 की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि चाँदी की इस तेजी का कारण केवल एक नहीं बल्कि 11 प्रमुख कारक हैं, जो इस मूल्य उछाल के पीछे काम कर रहे हैं।

चाँदी की कमी और वैश्विक आपूर्ति संकट

सबसे बड़ा कारण चाँदी की सप्लाई में लगातार गिरावट और बाजार में स्थायी कमी है। लंदन में चाँदी का भंडार 2021 के उच्चतम स्तर से लगातार घटकर 2025 में कई वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया है। इसके अलावा, चीन ने 2026 से चाँदी के निर्यात पर नियंत्रण की घोषणा की है, जिससे वैश्विक उद्योग और व्यापारी आपूर्ति घटने से पहले स्टॉकिंग करने लगे। वहीं, पिछले 10 वर्षों में खनन और रीसाइक्लिंग स्थिर रही, लेकिन सौर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में चाँदी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि मांग बढ़ी लेकिन आपूर्ति स्थिर रही, जिससे कीमतों में तेजी आई।

Silver Price Today: ₹2 लाख प्रति किलो पार कर चांदी ने इतिहास रचा, क्या यह तेजी लंबी अवधि तक जारी रहेगी?

मुद्रास्फीति, अमेरिका और चीन के प्रभाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा हाल ही में ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती का भी चाँदी की कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। सुरक्षित निवेश के विकल्प जैसे सोना और चाँदी में मांग बढ़ी। हालांकि, फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि आगे और कटौती के लिए “उच्च सीमा” होगी। चीन में भी चाँदी का भंडार 10 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया है। शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज पर ट्रेडिंग वॉल्यूम 9 साल के न्यूनतम स्तर पर है। अक्टूबर 2024 में चीन ने 660 टन से अधिक चाँदी का निर्यात किया, जिसमें अधिकांश लंदन भेजी गई ताकि वहां आपूर्ति संकट को कुछ हद तक कम किया जा सके।

अन्य वैश्विक और निवेश कारक

लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के वॉल्ट में चाँदी की होल्डिंग नवंबर में बढ़कर 27,187 टन हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 3.5% अधिक है। सोने की होल्डिंग भी बढ़ी है, जो दर्शाता है कि बड़े निवेशक अभी भी कीमती धातुओं में निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने चाँदी को महत्वपूर्ण खनिज की सूची में शामिल किया, जिससे बाजार में डर है कि अमेरिका नई टैरिफ या रणनीतिक नियंत्रण लागू कर सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह तेजी केवल एक कारण से नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति दबाव, औद्योगिक मांग, चीन और अमेरिका की नीतियों, और लगातार घाटे के संयुक्त प्रभाव से आई है। यदि आपूर्ति स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो चाँदी की कीमतों में यह ऊर्ध्वगामी प्रवृत्ति जारी रह सकती है।

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