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Silver Price: चांदी की कीमतों में 8,316 रुपये का उछाल, निवेशकों के लिए क्या संकेत देता है

Silver Price: हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन 18 फरवरी को निवेशकों के लिए एक खुशखबरी आई। Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर चांदी 8,316 रुपये यानी 3.63 प्रतिशत बढ़कर 2,37,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस उछाल के बाद बाजार में चर्चा है कि क्या यह स्थायी रुझान है या केवल शॉर्ट टर्म रिकवरी। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों को संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की प्रतिक्रिया

चांदी में यह तेजी ऐसे समय आई है जब सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली धातुओं की मांग में कुछ नरमी देखी गई थी। अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में परमाणु मुद्दों पर प्रगति के संकेत से निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, जिससे कीमती धातुओं की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसके अलावा, चीन और भारत में गोल्ड ईटीएफ की मांग मजबूत बनी हुई है और जनवरी में भारत ने सोने के आयात में भी बढ़ोतरी दर्ज की है।

Silver Price: चांदी की कीमतों में 8,316 रुपये का उछाल, निवेशकों के लिए क्या संकेत देता है

विशेषज्ञों की राय और शॉर्ट टर्म आउटलुक

विश्लेषकों का मानना है कि सोना और चांदी में हालिया गिरावट के बाद आई रिकवरी कितनी टिकेगी, यह आने वाले हफ्तों में वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ तो सुरक्षित निवेश वाली धातुओं में सट्टात्मक मांग घट सकती है और कीमतों पर दबाव बन सकता है। वहीं, आभूषण, औद्योगिक उपयोग और बार-कॉइन खरीद जैसी फिजिकल मांग कीमतों को मजबूत आधार प्रदान करती है।

भौतिक मांग का असर और निवेशकों के लिए सुझाव

भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में त्योहारों, शादी के सीजन और निवेश मांग के चलते भौतिक खरीद अक्सर गिरावट के समय बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के कारण उतार-चढ़ाव हो सकते हैं, लेकिन मजबूत फिजिकल मांग कीमतों को गिरने से रोक सकती है। निवेशकों को चाहिए कि वे गिरावट के दौर में भी पूरी तरह से मंदी की धारणा न बनाएं और लंबी अवधि की रणनीति अपनाएं। कुल मिलाकर, चांदी में तेजी लौट आई है, लेकिन सतर्क निवेश और समय पर निर्णय लेना निवेशकों के लिए जरूरी है।

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