Shashi Tharoor Reaction: केरल चुनाव का नया रंग, UDF ने बढ़त बनाई और थिरुवनंतपुरम में BJP ने शक्ति हासिल की

Shashi Tharoor Reaction: केरल में स्थानीय निकाय चुनावों का नतीजा अब पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। इन चुनावों में कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूडीएफ ने अधिकांश क्षेत्रों में बढ़त बनाई है। इस बार भाजपा ने थिरुवनंतपुरम नगर निगम पर कब्जा कर लिया है, जो पिछले चार दशकों से एलडीएफ के कब्जे में था। कांग्रेस नेता और थिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने इस जीत पर खुशी जताई और यूडीएफ के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार नतीजे आए हैं और यह लोकतांत्रिक भावना को दर्शाता है।
शशि थरूर का यूडीएफ और भाजपा दोनों को बधाई संदेश
शशि थरूर ने कहा कि यूडीएफ की यह जीत राज्य विधानसभा चुनावों के लिए एक शक्तिशाली संकेत है। उन्होंने उल्लेख किया कि कड़ी मेहनत, मजबूत संदेश और एंटी-इंकम्बेंसी की भावना ने 2020 के मुकाबले बेहतर नतीजे दिलाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने थिरुवनंतपुरम में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। थरूर ने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यह है कि जनता का निर्णय सभी के लिए सम्माननीय है, चाहे वह यूडीएफ के पक्ष में हो या भाजपा के पक्ष में।
केरल में विभिन्न निकायों के नतीजे
इस चुनाव में केरल की पांच नगर निगमों में से यूडीएफ ने चार नगर निगमों पर कब्जा किया, जबकि एलडीएफ और एनडीए को एक-एक नगर निगम मिला। नगर परिषदों में यूडीएफ ने 54 सीटें जीतीं, एलडीएफ 28 सीटों पर विजयी रहा और एनडीए को केवल एक सीट मिली। जिला पंचायतों में एलडीएफ और यूडीएफ ने समान रूप से सात-एक सीटें जीतीं। यह स्पष्ट संकेत है कि राज्य की राजनीति में सत्ता संतुलन धीरे-धीरे बदल रहा है और यूडीएफ को जनता का मजबूत समर्थन मिल रहा है।
भविष्य की दिशा और प्रशासनिक दृष्टिकोण
शशि थरूर ने कहा कि जनता की आवश्यकताओं के लिए लगातार काम किया जाएगा और अच्छी शासन प्रथाओं को बनाए रखा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूडीएफ और भाजपा दोनों की जीत लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाती है और इसे सभी को सम्मान देना चाहिए। थरूर ने आगे कहा कि जनता की भलाई के लिए काम करना जारी रहेगा और राज्य में विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि केरल की राजनीति में बदलाव और जनता की सक्रिय भागीदारी दोनों ही भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
