बाजार में गिरावट के बीच सेंसेक्स टॉप कंपनियों की दौलत में बड़ा उलटफेर

घरेलू शेयर बाजार में पिछले सप्ताह लगातार गिरावट देखने को मिली। इसका सीधा असर सेंसेक्स की टॉप कंपनियों के मार्केट कैप पर पड़ा। केवल चार कारोबारी दिनों में ही निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी दर्ज की गई। सेंसेक्स में कुल 949.74 अंक की गिरावट आई जो लगभग 1.27 प्रतिशत के बराबर है। इसी तरह निफ्टी भी 294.9 अंक गिरकर 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बाजार में यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी रही। खास बात यह रही कि राम नवमी के कारण एक दिन बाजार बंद रहा जिससे कारोबार के दिन कम हो गए लेकिन इसके बावजूद गिरावट का दबाव अधिक रहा।
टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में बड़ा नुकसान
सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से सात कंपनियों के मार्केट कैप में पिछले सप्ताह भारी गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों को कुल मिलाकर लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें सबसे अधिक नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों की वैल्यू भी तेजी से घटी। आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यू में भी गिरावट देखने को मिली। हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मार्केट कैप में भी मामूली लेकिन महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई। यह गिरावट दर्शाती है कि बाजार में व्यापक स्तर पर दबाव बना हुआ है।

रिलायंस और बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी की वैल्यू लगभग 89,720 करोड़ रुपये घट गई और इसका कुल मार्केट कैप 18,24,515 करोड़ रुपये के करीब आ गया। बैंकिंग सेक्टर भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 37,248 करोड़ रुपये से अधिक घट गया। भारतीय स्टेट बैंक की वैल्यू भी 35,399 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गई। आईसीआईसीआई बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों में भी कमजोरी देखी गई। यह संकेत देता है कि बैंकिंग और ऊर्जा सेक्टर में निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है और बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
कुछ कंपनियों में बढ़त से मिला संतुलन
जहां अधिकतर कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट देखी गई वहीं कुछ कंपनियों ने इस ट्रेंड के विपरीत बढ़त हासिल की। लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 18,051 करोड़ रुपये बढ़ गया। बजाज फाइनेंस की वैल्यू में भी 8,680 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। इन्फोसिस के मार्केट कैप में 6,245 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इन तीन कंपनियों की बढ़त ने बाजार में कुछ हद तक संतुलन बनाए रखा। इसके बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी रही जबकि अन्य कंपनियों की रैंकिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार में अस्थिरता अभी भी बनी हुई है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
