नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ हुआ बैन, जानिए वजह

नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माए गए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर हाल ही में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जैसे ही मेकर्स ने गाने का हिंदी वर्जन यूट्यूब पर रिलीज़ किया, दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे अश्लील और भद्दा करार दिया। गाने में शामिल बोल और उत्तेजक डांस स्टेप्स को देखकर लोगों ने प्रोडक्शन हाउस और कलाकारों को घेरना शुरू कर दिया। इसी के चलते केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पास शिकायत भी दर्ज कराई गई और गाने को बैन करने की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रोडक्शन हाउस ने तुरंत गाने के हिंदी वर्जन को यूट्यूब से हटा दिया।
शिकायत और कार्रवाई
एडवोकेट विनीत जिंदल ने सीबीएफसी से संपर्क करते हुए गाने की अश्लील लिरिक्स और नाबालिगों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उनके अनुसार, गाने में प्रयुक्त बोल और सीन बच्चों और किशोरों के लिए अनुचित हैं। जिंदल ने गाने के हिंदी वर्जन को पूरी तरह बैन करने की मांग की। शिकायत के तुरंत बाद प्रोडक्शन हाउस ने यूट्यूब से इस वर्जन को हटा दिया। हालांकि कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में यह गाना अभी भी उपलब्ध है और वहां इसे देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर गाने का बवाल
गाने के रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। यूजर्स ने गाने के कमेंट सेक्शन में नाराजगी जाहिर की और इसे भद्दा बताया। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी लोग वीडियो शेयर कर गाने की आलोचना करने लगे। गाने के भद्दे बोल और उत्तेजक डांस स्टेप्स को लेकर तुलना बादशाह के ‘टटीरी’ गाने से भी की गई। दर्शकों का कहना है कि इस तरह के गाने समाज और बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए इन्हें रोकना चाहिए।
लेखक रकीब आलम की सफाई
गाने के लेखक रकीब आलम ने मीडिया से बात करते हुए सफाई दी कि हिंदी वर्जन में गाने का अनुवाद हूबहू कन्नड़ से किया गया था। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर ने उन्हें निर्देश दिए थे कि गाने का ट्रांसलेशन पूरी तरह हूबहू होना चाहिए। रकीब ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस तरह के अनुवाद से सेंसर बोर्ड की रोकथाम हो सकती है, लेकिन निर्देशक का कहना था कि सभी मुद्दों को संभाला जाएगा। इसके बाद रकीब ने गाने का अनुवाद वैसा ही किया और हिंदी वर्जन तैयार हुआ, जो विवाद का कारण बन गया।
