खेल

रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास पर किया चौंकाने वाला खुलासा

टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास लिया और मई 2026 में अचानक टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। यह फैसला फैंस के लिए चौंकाने वाला रहा। अब पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस मामले में अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने गौतम गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि अगर रोहित और कोहली का समय खत्म हो गया है तो इसमें गलत क्या है। अश्विन ने स्पष्ट किया कि कोच का काम टीम के भविष्य को सुरक्षित रखना होता है और खिलाड़ियों का समय खत्म होना स्वाभाविक है।

गौतम गंभीर के फैसलों का समर्थन

अश्विन ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में कहा कि गौतम गंभीर का नजरिया कोच के रूप में अलग हो सकता है। उन्हें टीम के हित में फैसले लेने का पूरा अधिकार है। अश्विन ने कहा, “अगर गंभीर को लगा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का टाइम पूरा हो गया है, तो इसमें गलत क्या है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम के लिए सही निर्णय लेना ही कोच की जिम्मेदारी है। अश्विन के मुताबिक टीम के भविष्य के लिए कभी-कभी कठिन निर्णय लेना जरूरी होता है।

रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास पर किया चौंकाने वाला खुलासा

अश्विन ने अपने संन्यास पर भी बात की

अपने संन्यास पर अश्विन ने कहा, “अगर किसी को गंभीर से नाराज होना चाहिए था, तो वो मैं हूं क्योंकि उनके कोच बनते ही मेरा समय खत्म हो गया। लेकिन हमें अपनी ईगो को साइड में रखकर सोचने की जरूरत है। कोच का काम टीम के भविष्य को सुरक्षित करना होता है और इसमें किसी व्यक्तिगत भावना का महत्व नहीं होना चाहिए।” अश्विन ने स्पष्ट किया कि उनका दृष्टिकोण हमेशा टीम के हित में रहा है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी चीज़ का आक्रोश नहीं है।

सही समय पर फैसला लेने की ताकत

अश्विन ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत सही समय पर फैसला लेना है। पर्थ टेस्ट के बाद जब वह प्लेइंग 11 से बाहर हुए, तो उन्हें समझ आ गया कि उनका समय समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, “मैं उन खिलाड़ियों में से नहीं हूं जो वापसी की उम्मीद में टीम के इर्द-गिर्द मंडराते हैं। मैंने अपने करियर में बहुत कुछ हासिल कर लिया और अब नए खिलाड़ियों के लिए रास्ता छोड़ना ही सही था।” अश्विन के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि टीम के लिए कठिन फैसलों को समझना और स्वीकार करना ही असली खेल भावना है।

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