असम में PM Modi का बड़ा धमाका इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी से लेकर ब्रह्मपुत्र पुल उद्घाटन

PM Modi शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ स्थित मोरन बाइपास पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर पहुंचे। यहां उन्होंने फाइटर जेट्स ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों का शानदार एरियल डिस्प्ले देखा। यह सुविधा उत्तर पूर्व भारत की पहली ऐसी व्यवस्था है जिसे विशेष रूप से आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए विकसित किया गया है। इस परियोजना को भारतीय वायु सेना के सहयोग से तैयार किया गया है। रक्षा तैयारियों और रणनीतिक कनेक्टिविटी के लिहाज से यह कदम उत्तर पूर्व के लिए बड़ा संदेश देता है और क्षेत्र की सामरिक क्षमता को नई मजबूती प्रदान करता है।
ब्रह्मपुत्र पर नया सेतु और उत्तर गुवाहाटी से सीधा संपर्क
दिनभर के दौरे में PM Modi ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पुल गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी को जोड़ता है और करीब 3030 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। यह छह लेन का एक्स्ट्राडोज्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल उत्तर पूर्व भारत का पहला ऐसा सेतु है। इसके चालू होने से यातायात सुगम होगा व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विस्तार को नई गति मिलेगी। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के इस मजबूत कदम को विकास के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षा और डिजिटल ढांचे को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान भारतीय प्रबंधन संस्थान गुवाहाटी के अस्थायी परिसर का उद्घाटन भी किया। इससे उत्तर पूर्व में उच्च और प्रबंधन शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और स्थानीय युवाओं को देश स्तर की शिक्षा सुलभ होगी। साथ ही अमिनगांव कामरूप जिले में उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा सेंटर का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र डिजिटल इंडिया पहल के तहत सेवाओं की बेहतर डिलीवरी में मदद करेगा और डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाएगा।
इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत और हरित परिवहन का संदेश
प्रधानमंत्री ने पीएम ई बस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें गुवाहाटी में 100 नागपुर और भावनगर में 50 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। यह कदम शहरी परिवहन को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण कम होगा ईंधन लागत घटेगी और नागरिकों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। असम दौरे के दौरान किए गए ये उद्घाटन उत्तर पूर्व भारत के लिए विकास सुरक्षा शिक्षा और हरित भविष्य का साझा रोडमैप प्रस्तुत करते हैं।
