टेक्नॉलॉजी

OpenAI और अमेरिकी रक्षा विभाग: ChatGPT पर विवाद और उपयोगकर्ताओं की नाराजगी

AI चैटबॉट ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI इन दिनों विवादों में घिरी हुई है। कंपनी ने हाल ही में अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ साझेदारी की है। इस समझौते के तहत अमेरिकी सरकार OpenAI की तकनीक का इस्तेमाल संवेदनशील और गुप्त सैन्य ऑपरेशनों में कर सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद उपयोगकर्ता नाराज हो गए और ChatGPT ऐप को अनइंस्टॉल करने लगे। लोग इस साझेदारी को लेकर असुरक्षा और गोपनीयता के उल्लंघन की चिंता जताने लगे।

ChatGPT अनइंस्टॉल की दर में 300% तक बढ़ोतरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साझेदारी की खबर के बाद उपयोगकर्ताओं ने ChatGPT को अनइंस्टॉल करना शुरू कर दिया। पिछले शनिवार तक यह संख्या लगभग 295% तक बढ़ गई। इस दौरान OpenAI का प्रतिद्वंद्वी, Anthropic, लाभान्वित हुआ। Anthropic ने स्पष्ट किया कि वह अपनी तकनीक का इस्तेमाल स्वायत्त हथियारों और अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं करेगा। इसके बाद कंपनी के क्लाउड चैटबॉट के डाउनलोड में तेजी आई। Anthropic ने अपनी फीचर्स में सुधार कर और विस्तार किया ताकि नए उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया जा सके।

OpenAI और अमेरिकी रक्षा विभाग: ChatGPT पर विवाद और उपयोगकर्ताओं की नाराजगी

OpenAI ने जारी किया स्पष्टीकरण

उपयोगकर्ताओं की बढ़ती नाराजगी और विवाद को देखते हुए OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने माना कि कंपनी ने अमेरिकी सरकार के साथ समझौता जल्दबाजी में किया। अब कंपनी ने इस साझेदारी में संशोधन किया है और इसकी तकनीक अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए इस्तेमाल नहीं की जाएगी। ऑल्टमैन ने कहा कि यह समझौता अंतिम रूप देने में गलती हुई और यह मामला बहुत जटिल है, इसलिए स्पष्टता आवश्यक थी।

उपयोगकर्ताओं के लिए ChatGPT Plus का एक महीने का मुफ्त ऑफर

विवाद और उपयोगकर्ता अनइंस्टॉल की बढ़ती दर को कम करने के लिए OpenAI ने ChatGPT Plus का एक महीने का मुफ्त ऑफर पेश किया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह ऑफर किन देशों या उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध है, लेकिन कई उपयोगकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्हें यह लाभ मिला है। कंपनी की यह रणनीति उपयोगकर्ताओं का भरोसा वापस पाने और ऐप के डाउनलोड को बढ़ावा देने की कोशिश है। इस कदम से यह साफ है कि OpenAI विवाद के बीच भी अपने ग्राहकों के विश्वास को बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button