Oil Stocks Rally India: भारत में तेल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी, रिलायंस ने बनाया नया रिकॉर्ड

Oil Stocks Rally India: विश्व की नजरें फिलहाल अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रहे विवाद पर टिकी हैं। इस विवाद के बीच भारत के घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को तेल कंपनियों के शेयरों में अचानक खरीदारी का जोर देखने को मिला। खासकर वे कंपनियां जो वेनेजुएला से जुड़ी हुई हैं, उनके शेयरों में जबरदस्त तेजी आई। इस तेजी का सीधा फायदा देश की प्रमुख तेल कंपनियों को हो रहा है, जिससे निवेशकों की रूचि में भी वृद्धि हुई है। इस माहौल में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने रिकॉर्ड स्तर छूते हुए एक नई ऊंचाई हासिल की है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार उछाल
5 जनवरी सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। बीएसई पर शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 1611.20 रुपये तक पहुँच गए, जो 1 प्रतिशत की बढ़त थी। यह कंपनी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर था। हालांकि, दोपहर 1 बजे के आसपास शेयर 1590.50 रुपये पर थे, जो पिछले स्तर से थोड़ा नीचे थे। कंपनी के शेयरों ने पिछले दिन 1592.45 रुपये पर बंद होने के बाद खुलने पर 1592.50 रुपये का स्तर छुआ। इस उछाल ने निवेशकों में कंपनी की संभावनाओं को लेकर विश्वास बढ़ाया है।
रिलायंस की बाजार पूंजी में भारी वृद्धि
शेयरों में हुई इस तेजी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार पूंजी को भी काफी बढ़ा दिया। पिछले सप्ताह बाजार बंद होने के समय कंपनी का बाजार मूल्य लगभग 21,54,978.60 करोड़ रुपये था, जो सोमवार के कारोबार के दौरान बढ़कर 21,80,351.99 करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी की बाजार पूंजी में कुछ ही समय में 25,373 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ। इस बढ़ोतरी ने रिलायंस को भारतीय शेयर बाजार में अपनी ताकत फिर से साबित करने का मौका दिया।
अन्य तेल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी
रिलायंस के साथ-साथ अन्य सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती देखी गई। ओएनजीसी के शेयर 2.09 प्रतिशत की तेजी के साथ बढ़े, वहीं ऑयल इंडिया के शेयरों में 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर भी 1.19 प्रतिशत बढ़कर अपने दिन के उच्चतम स्तर पर पहुँचे। इसके अलावा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयरों में भी 2.56 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया। यह सब संकेत हैं कि तेल क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है और वैश्विक घटनाक्रम का इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
