नया मालवेयर Digital Lutera आपके UPI अकाउंट को मिनटों में कर सकता है खाली

अगर आप UPI या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बैंकिंग से जुड़े स्कैम्स से सावधान रहना चाहिए। हाल ही में एक नया मालवेयर ‘डिजिटल लुटेरा’ सामने आया है, जो सीधे आपके UPI अकाउंट से पैसा चुरा सकता है। यह मालवेयर कॉल या मैसेज के माध्यम से धोखाधड़ी नहीं करता बल्कि सीधे आपके एंड्रॉइड फोन तक पहुँच जाता है। यह मालवेयर आपके फोन की अनुमति लेने के बाद ही सक्रिय होता है और आपकी बैंकिंग जानकारी को चुपचाप चुराता है।
डिजिटल लुटेरा क्या है और कैसे काम करता है
Gadgets360 की रिपोर्ट के अनुसार यह पारंपरिक स्कैम्स की तरह काम नहीं करता। जहां आम तौर पर धोखेबाज लिंक भेजकर अकाउंट हैक करते हैं, डिजिटल लुटेरा सीधे फोन में एपीके फाइल के जरिए प्रवेश करता है। जब यूजर संक्रमित APK फाइल डाउनलोड करता है, तब यह फाइल इंस्टॉल होने पर SMS पढ़ने और लिखने की अनुमति मांगती है। अनुमति मिलते ही यह मालवेयर बैकग्राउंड में काम शुरू कर देता है और बैंक वेरिफिकेशन संदेशों को चुपचाप मॉनिटर करता है। इस तरह हैकर्स यूजर के अकाउंट तक पहुँच बना लेते हैं।

NPCI की सुरक्षा उपायों की जानकारी
राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI), जो UPI प्लेटफॉर्म संचालित करता है, ने इस मामले में सफाई दी है। NPCI ने कहा कि डिजिटल लुटेरा से जुड़े रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया गया है और UPI में पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसका मकसद यूजर को ऐसे जोखिमों से बचाना है। NPCI ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजर को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी और सॉफ्टवेयर आधारित प्रोटेक्शन उपलब्ध कराई जा रही है।
डिजिटल लुटेरा से बचाव के उपाय
इस मालवेयर से बचने के लिए एंड्रॉइड फोन उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। केवल भरोसेमंद स्रोत जैसे Google Play Store से ही एप डाउनलोड करें। अगर कोई संदेश या लिंक भेजकर APK फाइल डाउनलोड करने को कहे तो उसे अनदेखा करें। फोन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए Google Play Protect ऑन रखें और फोन के सॉफ़्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें। इन सावधानियों के माध्यम से डिजिटल लुटेरा जैसे मालवेयर से अपने UPI अकाउंट और पैसों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
