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New GST Rates: तंबाकू और पान मसाला पर नए GST नियम आज से लागू, जानिए कितना महंगा होगा

New GST Rates: कल यानी 1 फरवरी से कुछ उत्पादों पर नए GST दरें लागू की जाएंगी, जिससे इन वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। खासतौर पर यह बदलाव तंबाकू से जुड़े उत्पादों पर प्रभाव डालेगा। जबकि नए GST दरें 22 सितंबर, 2025 से प्रभाव में आई थीं, परंतु हानिकारक वस्तुओं के लिए ये नए दरें 1 फरवरी से लागू होंगी। इस बदलाव के तहत सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य शुल्क लागू किया जाएगा। यह शुल्क 40 प्रतिशत की उच्चतम GST दर के ऊपर अतिरिक्त रूप में लगेगा। इस तरह ये नई दरें पुराने 28 प्रतिशत GST और जुलाई 2017 से लागू मुआवजा शुल्क की जगह लेंगी।

तंबाकू उत्पादों पर MRP आधारित मूल्यांकन और नए नियम लागू

1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों जैसे चबाने वाली तंबाकू, फिल्टर खैनी, ज़र्दा युक्त खुशबूदार तंबाकू और गुटखा के लिए MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) आधारित मूल्यांकन प्रणाली भी लागू की जाएगी। इस प्रणाली के अनुसार GST की गणना पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर की जाएगी। साथ ही पान मसाला निर्माता अब स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्क अधिनियम के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इन निर्माताओं को सभी पैकिंग मशीनों पर CCTV कैमरे लगाना होगा और इसका वीडियो कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा। उन्हें मशीनों की संख्या और उनकी क्षमता के बारे में उत्पाद शुल्क अधिकारियों को सूचित भी करना होगा। यदि कोई मशीन लगातार 15 दिनों से बंद रहे तो निर्माता उत्पाद शुल्क में छूट का दावा कर सकते हैं।

सिगरेट की लंबाई के आधार पर लगेगा उत्पाद शुल्क

1 फरवरी से केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में संशोधन के तहत सिगरेट की लंबाई के अनुसार प्रति सिगरेट 2.05 रुपये से लेकर 8.50 रुपये तक का उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। यह नई दरें सिगरेट उत्पादकों के लिए जरूरी हैं और इससे सिगरेट की कीमतों में वृद्धि होगी। इस व्यवस्था के जरिए सरकार हानिकारक तंबाकू उत्पादों से होने वाली आमदनी में वृद्धि करना चाहती है, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए और भी बेहतर उपाय किए जा सकें।

पान मसाला पर बने रहेंगे कड़े नियम और शुल्क प्रणाली

स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्क अधिनियम के तहत पान मसाला यूनिटों की उत्पादन क्षमता के आधार पर भी शुल्क लगाया जाएगा। पान मसाला पर कुल कर बोझ अब भी 40 प्रतिशत GST सहित 88 प्रतिशत के स्तर पर बना रहेगा। यह सुनिश्चित करता है कि पान मसाले के उत्पादन और बिक्री पर सरकार की कड़ी नजर बनी रहे। इन नियमों और कर दरों के लागू होने के बाद तंबाकू और पान मसाले से जुड़े उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए महंगे हो जाएंगे। साथ ही सरकार की उम्मीद है कि यह कदम स्वास्थ्य संरक्षण और हानिकारक उत्पादों की खपत को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

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