Malkangiri में रहस्यमयी हत्या! सिर कटा शव मिलने के बाद 40 KM दूर मिला सिर, दो गांवों में तनाव बढ़ा

ओडिशा के Malkangiri जिले में पिछले कई दिनों से जारी तनाव और विवाद के बीच पुलिस को बुधवार को एक बड़ी सफलता मिली। जिस महिला का धड़ 5 दिसंबर को बरामद हुआ था, उसका कटा हुआ सिर पुलिस को लगभग 40 किलोमीटर दूर नदी के किनारे मिला है। यह सिर राखेलगुड़ा के पास स्थित एक नदी किनारे से बरामद किया गया, जो एक बालिका आश्रम के नजदीक है। इलाके के ग्रामीणों ने पुलिस को संदिग्ध वस्तु दिखाई देने की सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। महिला के सिर की बरामदगी ने न केवल हत्या की इस गंभीर घटना के कई सवालों पर रोशनी डालने की उम्मीद बढ़ा दी है, बल्कि क्षेत्र में फैले तनाव को भी कम किया है।
पूरा मामला क्या है? हत्या और गायब सिर ने बढ़ाई दहशत
जानकारी के अनुसार, महिला राखेलगुड़ा गांव की रहने वाली थी और 3 दिसंबर से लापता थी। दो दिन बाद, यानी 5 दिसंबर को उसका सिर कटा हुआ शव मिला, लेकिन सिर नहीं मिल सका। यही गायब सिर दो गांवों—एमवी-26 और राखेलगुड़ा—के बीच तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गया। ग्रामीणों में भ्रम, गुस्सा और डर लगातार बढ़ता रहा। दोनों गांवों के लोगों के बीच कई दिनों तक झड़पें, हिंसक विवाद और उग्र भीड़ की घटनाएं सामने आईं। सिर के गायब होने ने हत्या की जांच को भी उलझा दिया था, क्योंकि यह समझना मुश्किल हो गया था कि हत्या किस तरीके से हुई और सिर को इतनी दूर क्यों ले जाया गया।

पुलिस को मिला सुराग, नदी किनारे मिला सिर
बुधवार को ग्रामीणों ने नदी किनारे एक संदिग्ध वस्तु देखी और तुरंत पुलिस को सूचना दी। जांच टीम मौके पर पहुँची और पुष्टि की कि वह वस्तु महिला का कटा हुआ सिर था। पुलिस ने सिर को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। सिर मिलने के बाद हत्या की जांच और तेज कर दी गई है। अब सिर और धड़, दोनों का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा जिससे यह पता चल सके कि महिला की हत्या कैसे की गई, किस हथियार का इस्तेमाल हुआ और सिर व शरीर दो अलग-अलग स्थानों पर क्यों फेंके गए। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कई पहलुओं की जांच अभी जारी है और पुलिस हर कोण से जांच करके सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
तनाव कम करने के प्रयास और डीजीपी का बयान
सिर मिलने से पहले दोनों गांवों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी। लोगों के बीच बढ़ते विवादों और झड़पों को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को जिले स्तर की शांति समिति की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में डीआईजी, एसपी व दोनों गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में शांति समझौता हुआ और इस पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई। साथ ही कानूनी प्रतिबंध भी लागू रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। ओडिशा डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने घटना पर कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में कोई तनाव नहीं है और पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी है। फॉरेंसिक टीम द्वारा सिर का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा और सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी कई पहलुओं पर काम जारी है, और जल्द ही पुलिस स्थिति को साफ तौर पर समझ पाएगी कि यह हत्या कैसे और क्यों हुई।
