मोहम्मद शमी ने रंजी ट्रॉफी में आठ विकेट लेकर टीम इंडिया की वापसी का इशारा दिया

टीम इंडिया का टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी है, लेकिन लंबे समय से बाहर रहे फास्ट बॉलर मोहम्मद शमी ने रेड-बॉल क्रिकेट में धूम मचा दी है। रंजी ट्रॉफी 2025-26 के दूसरे सेमीफाइनल में शमी ने अकेले ही आठ विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। उनके तेज़ गेंदबाजी, सटीक लाइन और लेंथ, और बेहतरीन सीम पोज़िशन ने विपक्षी बल्लेबाजों को खामोश कर दिया। 22.1 ओवर में आठ विकेट के बदौलत उन्होंने 90 रन ही दिए। इस शानदार प्रदर्शन के चलते शमी ने एक बार फिर टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक दे दी है।
शमी की वापसी कब?
मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ओवल में खेला था, जो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का अंतिम मैच था। उसके बाद से शमी टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इस साल भारतीय टीम की कई टेस्ट सीरीज शेड्यूल में हैं, जिनमें इंग्लैंड का दौरा भी शामिल है। ऐसे में चयनकर्ताओं के लिए शमी की उपेक्षा करना आसान नहीं होगा। उनके हालिया प्रदर्शन ने इस संभावना को और मजबूत कर दिया है कि उन्हें जल्द ही टीम में मौका मिल सकता है।

बंगाल ने बनाया बढ़त
दूसरे रंजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए बंगाल ने कैल्याणी के बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड पर अपनी पहली इनिंग में 328 रन बनाए। इस पारी में सुदीप कुमार घारामी ने महत्वपूर्ण 146 रन की पारी खेली। जवाब में जम्मू-कश्मीर ने पलटवार की कोशिश की, लेकिन शमी की जबरदस्त गेंदबाजी ने उन्हें 302 रन पर ही समेट दिया। शमी ने आठ विकेट लिए जबकि मुकेश कुमार ने दो विकेट झटके। इस तरह बंगाल ने अपनी पहली इनिंग के आधार पर 26 रन की बढ़त हासिल कर ली।
शमी की गेंदबाजी ने दिलाई बंगाल को बढ़त
शमी की इस पारी ने केवल टीम को बढ़त नहीं दिलाई, बल्कि चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनके प्रदर्शन पर चर्चा भी तेज कर दी। उनकी गति और सटीकता ने विपक्ष की योजनाओं को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। इस मैच में उनकी वापसी ने दिखा दिया कि लंबे समय से बाहर रहने के बाद भी शमी अभी भी भारत के लिए एक कीमती संपत्ति हैं। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अगर शमी ने इसी तरह प्रदर्शन बनाए रखा, तो टीम इंडिया में उनकी वापसी लगभग तय है।
