मोबाइल चालाकी और स्कूटी ने उजागर किया दिल्ली-द्वारका की हत्याकांड की साजिश

दिल्ली के द्वारका में एक शख्स की उसकी ही दोस्तों ने बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी मृतक के हाथों में सोने की अंगूठी और गले में चेन देखकर लालच में आ गए थे। पैसों और कीमती सामान के लालच में चारों आरोपियों ने मिलकर योजना बनाई और उसे अपने कमरे में बुलाकर मौत के जाल में फंसा दिया। हत्या के बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर अलग-अलग बोरे में रखा गया और उसे मथुरा की तरफ फेंकने की साजिश रची गई।
हत्या की योजना और मोबाइल छल
जानकारी के मुताबिक, 18 फरवरी को अनुरूप गुप्ता को उसके एक दोस्त ने बिंदापुर इलाके के किराए के कमरे में बुलाया। अगले दिन चारों मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्यारों ने मृतक का मोबाइल ऑन रखा और लगातार मैसेज भेजते रहे ताकि लोग समझें कि वह जिंदा है। पुलिस को धोखा देने के लिए आरोपी अपनी मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए यात्रा के दौरान अपने फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। अनुरूप गुप्ता की बहन ने चार दिन बाद 23 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

शव के टुकड़े और अपराधियों की चतुराई
जांच में खुलासा हुआ कि हत्या के बाद मृतक के शरीर को काटकर बोरों में रखा गया और रात के अंधेरे में वृंदावन की तरफ ले जाया गया। आरोपी चाहते थे कि यमुना नदी में फेंककर सबूत मिटा दें। उन्होंने बहुत सावधानी बरती और मथुरा टोल पर भी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन उनके अपराध की चतुराई पर एक छोटी गलती भारी पड़ी। एक आरोपी की स्कूटी पुलिस के लिए सुराग बन गई और अपराध की गुत्थी सुलझ गई।
पुलिस ने किया खुलासा और गिरफ्तारियां
दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले की नारकोटिक्स टीम ने इस ब्लाइंड केस का पर्दाफाश किया। पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से यमुना नदी से शव के सभी टुकड़े रिकवर किए। चार आरोपी, जिनमें एक लड़की भी शामिल है, को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक अनुरूप गुप्ता छत्तीसगढ़ भवन में चल रही कैंटीन के संचालक थे और उनका शौक सोने की अंगूठियों और चेन पहनने का था। पुलिस ने कहा कि अपराधियों ने सोचा था कि सबूत मिटाकर मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन कानून की पकड़ लंबे समय तक किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ती।
