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Market This Week: फेडरल रिजर्व के फैसले से तय होगी बाजार की चाल, निवेशकों की धड़कनें तेज

आने वाले हफ्ते में शेयर बाज़ार की चाल कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें सबसे प्रमुख है अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना। जानकारों का मानना है कि अगर यह कदम उठाया जाता है तो घरेलू बाज़ार में निवेशकों का उत्साह और बढ़ सकता है। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की समयसीमा भी निवेशकों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियाँ, वैश्विक रुझान और प्रमुख मैक्ट्रोइकोनॉमिक डेटा भी इस हफ्ते बाज़ार की दिशा तय करेंगे।

वैश्विक संकेत और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की भूमिका

विशेषज्ञों का कहना है कि इस हफ्ते गणेश चतुर्थी (बुधवार) को शेयर बाज़ार बंद रहेंगे, लेकिन उसके पहले और बाद में वैश्विक संकेतों का असर साफ दिख सकता है। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने जैक्सन हॉल सिम्पोज़ियम में ब्याज दरों में संभावित कटौती का संकेत दिया था। इस बयान के बाद अमेरिकी बाज़ारों में जोरदार उछाल देखने को मिला और डॉलर इंडेक्स कमजोर पड़ा। यही सकारात्मक संकेत भारतीय शेयर बाज़ार को भी सहारा दे सकते हैं। हालांकि, विदेशी निवेशकों (FII) की भागीदारी पर अमेरिकी टैरिफ का संशय भारी पड़ सकता है।

Market This Week: फेडरल रिजर्व के फैसले से तय होगी बाजार की चाल, निवेशकों की धड़कनें तेज

विशेषज्ञों और ब्रोकरेज हाउसेज़ की राय

स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि 27 अगस्त की अमेरिकी समयसीमा, जिसमें भारत के निर्यात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना है, निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण है। जब तक इस पर स्पष्टता नहीं मिलती, विदेशी निवेशकों की भागीदारी कमजोर रह सकती है। वहीं, जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का मानना है कि जेरोम पॉवेल का भाषण सितंबर में ब्याज दरों में कटौती की ओर इशारा करता है, जिससे शेयर बाज़ार को राहत मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर जीएसटी सुधार और जीडीपी डेटा से उम्मीदें

मोतिलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि भारतीय शेयर बाज़ार को घरेलू स्तर पर GST 2.0 सुधारों की उम्मीद और मैक्रोइकोनॉमिक मजबूती से सहारा मिलता रहेगा। इसके साथ ही अमेरिका और भारत, दोनों देशों का आगामी जीडीपी डेटा निवेशकों की धारणा को आकार देगा। पिछले हफ्ते भी बाज़ार में मजबूती देखने को मिली थी—बीएसई सेंसेक्स 709.19 अंक (0.87%) चढ़ा, जबकि निफ्टी में 238.8 अंक (0.96%) की बढ़त दर्ज की गई। ऐसे में आने वाले हफ्ते में निवेशक वैश्विक और घरेलू संकेतों पर कड़ी नज़र बनाए रखेंगे।

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