मद्रास हाईकोर्ट ने ‘Jana Nayakan’ के निर्माताओं को याचिका वापस लेने की अनुमति दी

तमिल सुपरस्टार थलापति विजय पिछले एक महीने से अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘Jana Nayakan’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट विवाद के कारण रिलीज रोक दी गई। विजय के फैंस इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित थे, क्योंकि यह उनकी आखिरी फिल्म बताई जा रही है। फिल्म रिलीज के बाद ही अभिनेता राजनीति में अपना पूरा ध्यान देने वाले हैं। हालांकि, रिलीज से ठीक पहले फिल्म सेंसर बोर्ड के पचड़े में फंस गई, जिससे फिल्म अब तक दर्शकों से दूर है।
मेकर्स ने सीबीएफसी के खिलाफ याचिका वापस ली
‘Jana Nayakan’ के निर्माताओं ने मद्रास उच्च न्यायालय में सीबीएफसी के खिलाफ दायर याचिका वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। मेकर्स के वकील ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को इस संबंध में सूचना दी। मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को निर्माताओं को अपनी पिछली याचिका वापस लेने की अनुमति दी। यह कदम फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट पास होने में महीनों से बनी अनिश्चितता के बाद आया है। अब मेकर्स सीबीएफसी संशोधन समिति के जरिए फिल्म को आगे जांच के लिए भेजेंगे।

मद्रास हाईकोर्ट का आदेश और प्रक्रिया
जस्टिस पीटी आशा की सिंगल बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान, निर्माताओं ने अदालत को बताया कि वे अब सीबीएफसी संशोधन समिति के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेंगे। अदालत ने मेकर्स को उनकी पुरानी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। यह कदम फिल्म को दोबारा जांच के लिए भेजने से पहले लिया गया पहला स्पष्ट कदम माना जा रहा है। अब मेकर्स को सीबीएफसी की हरी झंडी का इंतजार करना होगा, जिसके बाद ही फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।
फैंस की बेचैनी और संभावित रिलीज़ डेट
थलापति विजय के फैंस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि विजय इस फिल्म के बाद पूर्णकालिक राजनीति में एंट्री करेंगे। फिल्म की रिलीज को लेकर यह फैन बेस और इंडस्ट्री के लिए खास महत्व रखती है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि फिल्म 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। हालांकि, इसे देखने के लिए अब केवल सीबीएफसी के फैसले की प्रतीक्षा है। पहले यह फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर विवाद ने इसे लंबे समय तक दर्शकों से दूर रखा।
