Karnataka: कर्नाटक में मुर्गी ने दिया नीला अंडा, विज्ञान भी हैरान

Karnataka: कर्नाटक के दावणगेरे जिले के चन्नगिरी तालुक से एक अनोखा मामला सामने आया है। नल्लूर गांव में रहने वाले सैयद नूर के मुर्गी पालन के फार्म पर एक मुर्गी ने नीला अंडा दिया, जिसे देखकर गांव वाले हैरान रह गए। सैयद नूर के फार्म पर कुल दस मुर्गियां हैं और इनमें से एक सफेद अंडा देने वाली मुर्गी ने अचानक नीले अंडे देना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी जैसे ही गांव के लोगों को लगी, सभी इस घटना को देखकर चौंक गए और चर्चा का विषय बन गई।
नीले अंडे के पीछे विज्ञान
नीले अंडे की खबर सुनकर चन्नगिरी पशुपालन विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉक्टर अशोक ने बताया कि अंडे का नीला रंग ‘बिलीवरडिन’ नामक पिगमेंट के कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुर्गी का अंडा केवल ऊपरी भाग में नीला है, बाकी हिस्सा सामान्य रंग का है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर मुर्गी लगातार नीले अंडे देती रही, तो इसका वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। इस घटना ने स्थानीय और पशुपालन समुदाय में उत्सुकता बढ़ा दी है।
नीले अंडों वाली मुर्गियां
अक्सर लोग सफेद और भूरे अंडों के बारे में जानते हैं, लेकिन नीले अंडे देने वाली मुर्गियां भी होती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीला अंडा देने वाली मुर्गियां विशेष नस्ल की होती हैं, जिन्हें ‘ब्लू एग लेयर’ कहा जाता है। ये मुर्गियां नीले रंग के अंडे देती हैं, जिनका रंग हल्के नीले से लेकर गहरे नीले तक हो सकता है।
नीले अंडों वाली मुख्य नस्लें अज़ोरा (Araucana) और Americana (अमेरिकाना) हैं। ये नस्लें खासतौर पर दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाई जाती हैं और धीरे-धीरे अन्य देशों में भी लोकप्रिय हो रही हैं। नीले अंडों वाली मुर्गियां आम मुर्गियों की तुलना में कम पाई जाती हैं, इसलिए इनके अंडे बाजार में थोड़े महंगे होते हैं।

पोषण और स्वास्थ्य लाभ
नीले अंडे सामान्य अंडों की तरह पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें प्रोटीन और ओमेगा-3 की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इन अंडों का स्वाद भी सामान्य अंडों जैसा ही होता है, इसलिए इनका सेवन आसानी से किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नीले अंडे खाने से हृदय स्वास्थ्य, मस्तिष्क और ऊर्जा स्तर पर सकारात्मक असर पड़ता है।
पालन-पोषण और देखभाल
नीले अंडे देने वाली मुर्गियों की देखभाल आम मुर्गियों की तरह ही की जाती है। इन्हें पोषणयुक्त चारा, साफ पानी और पर्याप्त जगह मिलना जरूरी है। इन मुर्गियों का पालन अन्य मुर्गियों के समान किया जाता है, लेकिन नीले अंडों की कम संख्या और दुर्लभता के कारण ये थोड़ा महंगे होते हैं। फार्मर्स के लिए यह नई नस्ल आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित हो सकती है।
सैयद नूर ने बताया कि मुर्गी का नीला अंडा मिलने के बाद से उनकी फार्म पर काफी उत्सुकता बढ़ गई है। गांव वाले और आसपास के लोग इस मुर्गी को देखने और अंडा खरीदने आते हैं।
कर्नाटक के नल्लूर गांव में हुई यह घटना दर्शाती है कि प्राकृतिक विविधता और वैज्ञानिक शोध के बीच कितना रोमांचक संबंध हो सकता है। नीले अंडे न सिर्फ दुर्लभ और अनोखे हैं, बल्कि पोषण और स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हैं। ब्लू एग लेयर मुर्गियों की इस दुर्लभ नस्ल के कारण स्थानीय मुर्गी पालन में नई संभावनाएं खुल रही हैं।
सैयद नूर की फार्म पर नीले अंडे देने वाली मुर्गी ने गांव में उत्सुकता और रोमांच बढ़ा दिया है। पशुपालन विभाग के वैज्ञानिकों के अध्ययन के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस अनोखी घटना से भविष्य में और अधिक शोध और नवाचार होंगे।