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संसद में Jaya Bachchan का फूटा ग़ुस्सा! जया बोलीं – जिनका सिंदूर उजड़ा, उनके जख्मों पर नमक क्यों?

राज्यसभा के मानसून सत्र में बुधवार को Jaya Bachchan ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम को लेकर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब कई महिलाओं का सिंदूर इस हमले में मिट गया, तब बदले की कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कहना असंवेदनशील है। जया ने अपने वक्तव्य में सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और कहा कि जिनके घर उजड़ गए, उनकी भावनाओं का इस नाम से मज़ाक उड़ाया गया है।

 ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम पर भड़कीं जया, कहा- विश्वास तोड़ा गया

जया बच्चन ने कहा कि सरकार ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद आतंकवाद के खात्मे का दावा किया था। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु पहलगाम गए थे, लेकिन वहां आतंक का हमला हुआ और कई जानें गईं। उन्होंने कहा कि जिनके परिवार उजड़े, वे सरकार को माफ नहीं करेंगे। जया ने सवाल उठाया कि क्या किसी ने उन परिवारों से माफी मांगी?

संसद में Jaya Bachchan का फूटा ग़ुस्सा! जया बोलीं - जिनका सिंदूर उजड़ा, उनके जख्मों पर नमक क्यों?

संसद में टकराव: ‘मुझे मत कंट्रोल करो’ कहकर भड़कीं जया

जया बच्चन अपने भाषण के दौरान काफी भावुक हो गईं और जब कुछ सांसदों ने बीच में टोका-टोकी की, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से कहा, “मुझे मत कंट्रोल करो।” यह कहने के बाद वे और ज्यादा आक्रामक हो गईं और स्पष्ट शब्दों में कहा, “मेरे कान तेज हैं, मैं सब सुन सकती हूं।”

सरकार पर जमकर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, उन्हें जनता की उम्मीदों की रक्षा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि fancy नामों से संवेदना नहीं मिलती। “जब एक महिला के सिंदूर की बात होती है, तो उससे जुड़ी भावनाओं को समझना जरूरी होता है,” उन्होंने कहा। यह भी कहा कि सत्ता में रहकर अगर सुरक्षा नहीं दे सकते तो कम से कम शब्दों में तो संवेदनशीलता होनी चाहिए।

संसद में आतंकवाद पर तीखी बहस

पहलगाम हमले और उसके जवाब में की गई सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर संसद में लगातार तीखी बहस चल रही है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सत्ता पक्ष सफाई दे रहा है। इस बीच जया बच्चन का तीखा और भावनात्मक बयान चर्चा का विषय बन गया है। उनका भाषण सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

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