मिडिल ईस्ट संकट और तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। ईरान से जुड़े संकट और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में करीब 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए। अकेले सोमवार को ही लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। गुरुवार को कुल मार्केट कैप 452.3 लाख करोड़ रुपये था, जो सोमवार तक घटकर 441 लाख करोड़ रुपये रह गया।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में तेजी के बजाय भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex 1,353 अंक गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 422 अंक टूटकर 24,028.05 पर आ गया। इसके अलावा BSE Midcap Index लगभग 2% नीचे गया और BSE Smallcap Index लगभग 2.46% गिरा। इस गिरावट का व्यापक असर देखने को मिला और कुल 875 शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए।

दबाव में प्रमुख कंपनियां
बाजार में गिरावट के दौर में कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। इनमें शामिल हैं HDFC Bank, Wipro, Tata Consultancy Services, Asian Paints, InterGlobe Aviation, Ambuja Cements, Trent Limited। इसके अलावा Tata Motors, Suzlon Energy, Shree Cement, Indian Hotels Company Limited, GAIL, Dixon Technologies, Bajaj Holdings & Investment जैसे शेयर भी कमजोर नजर आए। कई शेयरों में 10 से 15% तक की गिरावट दर्ज की गई।
कुछ शेयरों में तेजी और निवेशकों की चिंता
जहां अधिकांश शेयर गिरावट के दौर में रहे, वहीं कुछ कंपनियों के शेयर में तेजी देखने को मिली। कुल 72 शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचे। इनमें शामिल हैं Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL), Jindal Poly Films, Motilal Oswal Financial Services और SBI Mutual Fund के कुछ ETF। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की स्थिति बना दी है।
