Indian Stock Market गिरावट के सातवें दिन, Nifty टूट गया पिछले लो से नीचे, अगली चाल पर नजरें टिकी

Indian Stock Market सातवें लगातार ट्रेडिंग सेशन में गिरावट का सामना करता रहा। 29 सितंबर को निफ्टी और सेंसेक्स ने हालांकि दिन की शुरुआत ऊंचे स्तर पर की, लेकिन अंत में दोनों इंडेक्स ने लाल निशान में बंद किया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि निफ्टी ने शुक्रवार, 26 सितंबर के निचले स्तर को तोड़ दिया और उसके नीचे बंद हुआ। चूंकि निफ्टी का मंथली एक्सपायरी मंगलवार, 30 सितंबर को है, इसलिए बाजार में बड़ी उठापटक देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को इस अवधि में सतर्क रहना चाहिए क्योंकि अचानक तेजी या कमजोरी बाजार की दिशा बदल सकती है।
निफ्टी का संभावित स्तर और समर्थन
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी 24,600 स्तर को एक और सत्र तक बनाए रखता है, तो 24,800-24,900 तक की तेजी असंभव नहीं है। फिलहाल, निफ्टी को 24,600-24,500 के समर्थन स्तर पर निगरानी में रखा गया है। हालांकि, मौजूदा बेयरिश रुझान और बाजार में प्रबल बिकवाली के कारण स्थिति अस्थिर है। यदि निफ्टी इस समर्थन स्तर को तोड़ देता है, तो निवेशकों को 24,400-24,300 स्तरों पर नजर रखनी होगी। तकनीकी विश्लेषक नज़र रखते हुए, बाजार की दिशा में छोटे बदलाव भी निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम दोनों ला सकते हैं।

कमजोर बाजार में उभरते शेयर
सोमवार के कमजोर बाजार में कुछ ऊर्जा, तेल और गैस के शेयरों में मजबूती देखी गई, जबकि फार्मा और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव शेयर पीछे रहे। कच्चे तेल की स्थिर कीमतों, उपस्ट्रीम खोजों (जैसे प्राकृतिक गैस) में सुधार और सकारात्मक अर्निंग्स अपेक्षाओं के चलते ऊर्जा शेयरों में तेजी रही। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर से कमजोर कारोबारी अपडेट मिलने के कारण FMCG शेयरों में गिरावट देखने को मिली। यह स्थिति दर्शाती है कि कमजोर बाजार में भी कुछ सेक्टर निवेशकों के लिए लाभकारी बने रह सकते हैं।
बाजार की आगे की दिशा
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी शोध विश्लेषक नगराज शेट्टी के अनुसार, बाजार मजबूत रैली के बावजूद उच्च स्तर को कायम नहीं रख सका, जिससे आने वाले सत्रों में और कमजोरी की संभावना दिखाई देती है। उन्होंने कहा, “निफ्टी फिलहाल 24,500-24,400 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के करीब है और अगले कुछ सत्रों में इसे छू सकता है। हालांकि, यदि निफ्टी 24,800-24,900 के ऊपर जाता है, तो बाजार की दिशा बदल सकती है।” निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने और तकनीकी संकेतों पर ध्यान देने का है।
