ईरान और इजरायल की जंग के बीच भारतीय डिफेंस शेयरों में रिकॉर्ड उछाल क्यों आया

ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग और मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच भारतीय डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। निवेशक सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में संभावित अवसरों को लेकर उत्साहित हैं। शुक्रवार, 6 मार्च को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर में लगभग 9 प्रतिशत तक उछाल आया। यही नहीं, लगातार दूसरे दिन शेयर में तेजी रही और हफ्ते भर में इस PSU स्टॉक ने करीब 15 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों का प्रदर्शन
मझगांव डॉक के शेयर ने BSE पर 2398.95 रुपये से कारोबार की शुरुआत की और इंट्राडे में उच्चतम 2559 रुपये तथा न्यूनतम 2373.55 रुपये के स्तर को टच किया। हालांकि, शेयर में तेजी केवल मिडिल ईस्ट तनाव के कारण नहीं आई। कंपनी को भारतीय नौसेना से 99,000 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं, जिसके तहत उसे 6 आधुनिक पनडुब्बियां बनानी हैं। इस बड़े ऑर्डर की खबर आने के बाद निवेशकों में उत्साह बढ़ा और शेयर में तेजी देखने को मिली।

डिफेंस शेयरों में निवेश क्यों बढ़ा
वर्ल्डवाइड जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच सरकारें अपनी सुरक्षा पर खर्च बढ़ाती हैं। ऐसे समय में डिफेंस कंपनियों के लिए बड़े ऑर्डर मिलते हैं और उन्हें नए एक्सपोर्ट अवसर भी प्राप्त होते हैं। उदाहरण के तौर पर, हाल ही में एक अमेरिकी सबमरीन ने ईरानी वॉरशिप को टॉरपीडो से डुबाया, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और हथियारों की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यही कारण है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में निवेशक डिफेंस शेयरों को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
अन्य डिफेंस कंपनियों में भी तेजी
हाल के दिनों में Paras Defence, BEL, Hindustan Aeronautics, Cochin Shipyard जैसे डिफेंस शेयरों में भी तेजी आई है। निवेशक इस क्षेत्र को सुरक्षित और लंबी अवधि में लाभदायक मान रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव और रक्षा बजट में बढ़ोतरी से डिफेंस कंपनियों के लिए नए ऑर्डर और लाभ के हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर भारतीय डिफेंस सेक्टर पर बनी हुई है और आने वाले दिनों में शेयरों की उछाल जारी रहने की संभावना है।
