Cyclone Ditwa में चल रहा भारत का सबसे बड़ा रेस्क्यू मिशन—Mi-17 हेलिकॉप्टर ने कैसे बदला हालात?

Cyclone Ditwa Rescue: श्रीलंका में आए भीषण चक्रवात ‘डिटवा’ ने भारी तबाही मचाई है। हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। इस संकट की घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत मानवीय सहायता अभियान शुरू किया है। भारतीय वायुसेना ने राहत व बचाव कार्यों को तेज करते हुए C-130J परिवहन विमान और Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। C-130J विमान के जरिए NDRF की टीमें और आवश्यक उपकरण श्रीलंका भेजे गए, जबकि Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर राहत कार्यों और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में लगे हुए हैं।
गारुड़ा कमांडोज़ ने किया हाइब्रिड रेस्क्यू ऑपरेशन, कई फंसे लोगों को बचाया
तूफान की वजह से बने संकट के बीच भारतीय वायुसेना ने एक जटिल हाइब्रिड रेस्क्यू मिशन भी संचालित किया। कोटमाले के प्रतिबंधित इलाके से फंसे यात्रियों को बचाने के लिए गारुड़ा कमांडोज़ ने क्रॉस-कंट्री रूट अपनाते हुए वहां पहुंचकर 24 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। इनमें भारतीय नागरिक, विदेशी यात्री और कई श्रीलंकाई शामिल थे। सभी को कोलंबो एयरलिफ्ट किया गया। इसी तरह तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को भी तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए कोलंबो भेजा गया। इससे पहले वायुसेना ने श्रीलंकाई सेना की पांच टीमों (40 सैनिकों) को डायाथलावा आर्मी कैंप से भूस्खलन प्रभावित कोटमाले क्षेत्र में पहुंचाया, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।

21 टन राहत सामग्री वितरित, बड़े पैमाने पर भारतीयों की निकासी की तैयारी
भारतीय वायुसेना ने शनिवार को दो बड़े परिवहन विमानों—C-130J और IL-76—के जरिए श्रीलंका को लगभग 21 टन राहत सामग्री पहुंचाई। यह सामग्री हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, गाजियाबाद से भेजी गई। IL-76 विमान में नौ टन राहत सामग्री, 80 NDRF कर्मी, चार डॉग स्क्वॉड टीमें और आठ टन HADR उपकरण श्रीलंका भेजे गए।
वायुसेना के अनुसार, बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिकों को वापस लाने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए त्रिवेंद्रम (केरल) और हिंडन (उत्तर प्रदेश) एयरबेस से कई मिशन प्लान किए गए हैं। राहत सामग्री के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सा सामान भी लगातार भेजा जा रहा है, ताकि प्रभावित समुदायों को तुरंत सहायता मिल सके।
150 मौतें, हजारों परिवार प्रभावित; भारत कर रहा लगातार सहयोग
श्रीलंका में चक्रवात डिटवा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है। वहीं हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और 43,900 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत INS विक्रांत और INS उदयगिरी ने भी प्रारंभिक राहत सामग्री पहुंचाई थी।
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग भी बंडारानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे भारतीय यात्रियों की सहायता कर रहा है। हवाई यातायात बाधित होने की वजह से यहां फंसे भारतीय नागरिकों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भारत की यह संवेदनशील और समय पर की गई मदद एक बार फिर यह साबित करती है कि आपदा के समय वह अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है।
