IND U19 vs PAK U19: वैभव सूर्यवंशी का दबाव में प्रदर्शन फिर फेल, पाकिस्तान मैच में क्यों रह गए कमजोर

IND U19 vs PAK U19: किसी भी खिलाड़ी की असली पहचान तब होती है जब वह बड़े मुकाबलों में दबाव झेलते हुए शानदार प्रदर्शन करता है। छोटी टीमों के खिलाफ बड़े स्कोर बनाने से प्रतिभा का पता चलता है, लेकिन सच्ची परीक्षा तब होती है जब ये प्रतिभा मजबूत विपक्ष के खिलाफ मैच जीतने वाली पारियां बनाने में तब्दील हो। वैभव सूर्यवंशी के मामले में यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने कई मौकों पर बड़े मुकाबलों में निराश किया है। जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते, जिससे टीम की उम्मीदें टूट जाती हैं।
भारत-पाकिस्तान सुपर सिक्स मैच में वैभव का प्रदर्शन निराशाजनक
अंडर-19 वर्ल्ड कप के सुपर सिक्स मैच में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे, जो कि युवा क्रिकेटरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और दबाव भरा मुकाबला था। ऐसे मैच में सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं कि वह टीम के लिए कुछ बड़ा कर दिखाए। लेकिन वैभव इस दबाव को संभालने में नाकाम रहे और महज 22 गेंदों पर 30 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी इनिंग में पांच चौके और एक छक्का जरूर था, लेकिन इस महत्वपूर्ण मैच में यह प्रदर्शन टीम की जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। इस बड़े मैच में वैभव का कमजोर प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना।
पहले भी बड़े मैचों में वैभव का फ्लॉप होना
वैभव का बड़ा मैचों में अच्छा नहीं खेल पाना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले हुए अंडर-19 एशिया कप में भी उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ निराश किया था। बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल में भी उनका बल्ला खामोश रहा था। उस टूर्नामेंट में वैभव ने यूएई के खिलाफ 95 गेंदों में शानदार 171 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद के मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में उन्होंने केवल पांच और श्रीलंका के खिलाफ नौ रन बनाए। फाइनल में भी वह केवल 26 रन तक सीमित रहे। इस टी20 वर्ल्ड कप में भी न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन औसत से कम रहा। आज के मैच में भी पाकिस्तान के खिलाफ उन्हें अपनी पिछली हार का बदला लेने का मौका मिला, लेकिन वैभव फिर से बुरी तरह फ्लॉप रहे।
प्रतिभा है, लेकिन सुधार की जरूरत है
वैभव सूर्यवंशी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इतना युवा होते हुए इतनी समझदारी से बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। उन्हें अपने खेल के मानसिक पहलू पर अधिक काम करने की जरूरत है। बड़े मैचों के दबाव को सहना सीखना होगा, क्योंकि दबाव में फेल होना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है। वैभव अभी बहुत छोटे हैं और उनके पास सीखने और सुधार करने का पर्याप्त समय है। आईपीएल में उन्होंने प्रभावित किया है, लेकिन यह देखना बाकी है कि वे इस सीजन और आने वाले सीजन में कितनी निरंतरता के साथ खेल पाते हैं। भारतीय टीम में शामिल होने से पहले उन्हें अपनी कमजोरी पर कड़ी मेहनत करनी होगी ताकि वे भविष्य में बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन कर सकें।
