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ईरान युद्ध का असर हवाई किराए पर भारी फ्लाइट टिकट 35 फीसदी तक महंगे

ईरान और इज़राइल अमेरिका के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात का असर अब भारत के आम यात्रियों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। ATF की कीमत बढ़ते ही एयरलाइंस ने अपने फ्यूल सरचार्ज में इजाफा कर दिया है जिसका सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ा है। देश के प्रमुख रूट्स पर टिकट कीमतें पिछले कुछ समय में 30 से 35 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की यात्रा महंगी हो गई है और यात्रियों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

ATF की कीमत बढ़ने से बढ़ा दबाव

हाल ही में घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत में लगभग 8.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एविएशन सेक्टर में ATF कुल ऑपरेशनल खर्च का लगभग 35 से 45 फीसदी हिस्सा होता है। ऐसे में जब ईंधन महंगा होता है तो एयरलाइंस के खर्च में सीधा इजाफा होता है और इसका बोझ यात्रियों पर डाल दिया जाता है। यही कारण है कि टिकट की कीमतें तुरंत ऊपर चली जाती हैं। एयरलाइंस कंपनियां अपने नुकसान को संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज लागू करती हैं जिससे यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है और यात्रा पहले से अधिक महंगी हो जाती है।

ईरान युद्ध का असर हवाई किराए पर भारी फ्लाइट टिकट 35 फीसदी तक महंगे

प्रमुख रूट्स पर किराए में तेज बढ़ोतरी

दिल्ली से गोवा रूट पर किराए में काफी उछाल देखा गया है जहां कुछ समय पहले टिकट 4500 से 6000 रुपये के बीच मिल जाता था वहीं अब यही किराया 8000 रुपये से शुरू होकर 11000 रुपये तक पहुंच गया है। कुछ मामलों में अगले दिन की बुकिंग पर यह 15000 रुपये तक भी पहुंच जाता है। दिल्ली से बेंगलुरु का किराया भी 12000 रुपये से ऊपर जा चुका है और तत्काल बुकिंग में यह 15000 से 17000 रुपये तक पहुंच रहा है। जयपुर से बेंगलुरु और मुंबई जैसे रूट्स पर भी 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रांची नागपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों से उड़ानों के किराए भी तेजी से बढ़े हैं जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

एयरलाइंस का सरचार्ज और आगे की स्थिति

इंडिगो एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है जो रूट के हिसाब से अलग अलग है। घरेलू उड़ानों में यह अतिरिक्त शुल्क 275 रुपये से लेकर 2300 रुपये प्रति सीट तक पहुंच सकता है जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह और अधिक है। खाड़ी देशों के रूट पर 3000 से 5000 रुपये और यूरोप यूके के लिए 10000 रुपये तक का सरचार्ज लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईरान संकट और कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य नहीं होती तब तक हवाई किराए में राहत की उम्मीद कम है। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे पहले से टिकट बुक करें ताकि बढ़ते किराए से कुछ राहत मिल सके।

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