Humanoid Robot: माइनस 47 डिग्री में भी चला चीनी रोबोट G1, दिखाया मानव जैसी ताकत

Humanoid Robot: चीनी रोबोटिक्स कंपनी Unitree ने अपने ह्यूमैनॉइड रोबोट G1 की क्षमताओं का ऐसा प्रदर्शन किया जिसने सभी को चौंका दिया। कंपनी ने इस रोबोट का परीक्षण बेहद ठंडे और कठोर मौसम में किया, जहां तापमान माइनस 47.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। इस भीषण ठंड में भी G1 ने बर्फ से ढकी ज़मीन पर सफलतापूर्वक चलकर अपनी मजबूती और दक्षता का परिचय दिया। यह परीक्षण चीन के शिनजियांग प्रांत के अल्ताई क्षेत्र में किया गया।
130,000 से अधिक कदम बर्फीले इलाके में
CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक, G1 रोबोट ने बर्फीले इलाके में 130,000 से अधिक कदम चलने का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया। रोबोट ने चलते हुए लगभग 186 मीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा विंटर ओलंपिक्स का प्रतीक भी ज़मीन पर बनाया, जो इसकी परफॉर्मेंस और तकनीकी उन्नति का प्रमाण है। यह पहली बार हुआ जब किसी ह्यूमैनॉइड रोबोट को इतनी ठंडी जगह पर स्वतः चलते हुए देखा गया। इस उपलब्धि में चीन के Beidou सैटेलाइट ने भी अहम भूमिका निभाई, जिसने सेंटीमीटर स्तर की सटीक स्थिति जानकारी उपलब्ध कराई।
World's First: Unitree Humanoid Robot Autonomous Walking Challenge in −47.4°C Extreme Cold🥳
−47.4°C, 130,000 steps, 89.75°E, 47.21°N… On the extremely cold snowfields of Altay, the birthplace of human skiing, Unitree's humanoid robot G1 left behind a unique set of marks. pic.twitter.com/1ratz6ZKT1— Unitree (@UnitreeRobotics) February 2, 2026
G1 रोबोट की तकनीकी खासियतें और अत्याधुनिक तकनीक
Unitree का G1 रोबोट मई 2024 में लॉन्च हुआ। इसका वजन करीब 35 किलो है और ऊंचाई लगभग 127 सेंटीमीटर है। इसमें 23 से 43 जॉइंट मोटर्स लगे हैं, जिनका टॉर्क 120 न्यूटन मीटर तक हो सकता है। यह रोबोट कंपनी द्वारा विकसित UnifoLM (Robot Unified Large Model) तकनीक से लैस है और Reinforcement Learning का भी समर्थन करता है। इसकी बैटरी करीब 2 घंटे तक लगातार काम कर सकती है। रोबोट में 3D LiDAR और डेप्थ कैमरे भी लगे हुए हैं, जो इसे परिवेश का सटीक आकलन करने में मदद करते हैं।
भविष्य की झलक: रोबोटिक्स का बढ़ता दायरा
इस सफल परीक्षण ने साफ़ कर दिया है कि ह्यूमैनॉइड रोबोट अब केवल प्रयोगशालाओं या फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहे। वे अब बेहद कठोर और जटिल मौसम में भी काम कर सकते हैं, जो अनुसंधान, बचाव अभियान और अन्वेषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। भविष्य में ऐसे रोबोट खतरनाक परिस्थितियों में मानवों की मदद कर सकेंगे, जिससे जोखिम कम होगा और कार्य कुशलता बढ़ेगी। यह तकनीक आने वाले समय में कई क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।
