Grok AI पर रोक लगी, इंडोनेशिया और मलेशिया ने किया पूर्ण प्रतिबंध लागू

एलन मस्क की कंपनी xAI का एआई चैटबोट Grok एक बार फिर सुर्खियों में है। कुछ दिन पहले यह बिकीनी ट्रेंड के कारण आलोचना का सामना कर चुका है, लेकिन अब यह नस्लीय और आपत्तिजनक उत्तर देने के चलते खबरों में है। सोशल मीडिया पर लोग Grok से अनसेंसर्ड और अश्लील कंटेंट बनाने की मांग कर रहे हैं। इस ट्रेंड ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि एआई की सीमाएं और जिम्मेदारियां क्या हैं।
Grok दे रहा आपत्तिजनक उत्तर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Sky News ने Grok की सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया। रिपोर्ट में पाया गया कि कई उत्तरों में धार्मिक और अपमानजनक भाषा शामिल थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है और भेदभाव को बढ़ावा देती है। ब्रिटेन सरकार ने भी इन पोस्ट्स को आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी एआई चैटबॉट्स को देश के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

बिकीनी ट्रेंड से बढ़ी मुश्किलें
यह Grok का पहला विवाद नहीं है। पहले यह बिकीनी ट्रेंड के कारण सुर्खियों में आया था। उस समय, यह उपयोगकर्ताओं के निर्देश पर महिलाओं की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बना रहा था। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया और X समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डार्क वेब पर साझा किया। इस कारण भारत और कई अन्य देशों की सरकारों ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा।
प्रतिबंध और नियंत्रण के उपाय
बिकीनी ट्रेंड के बढ़ते विरोध के चलते Grok को इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया। विरोध बढ़ने पर X ने Grok की इमेज एडिटिंग क्षमताओं को केवल भुगतान करने वाले सदस्यों तक सीमित कर दिया। अब केवल पेड सब्सक्राइबर्स को ही Grok पर इमेज एडिटिंग का विकल्प उपलब्ध है। इस तरह की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि एआई का गलत उपयोग गंभीर सामाजिक और कानूनी परिणाम ला सकता है और इसके लिए जिम्मेदारियों की आवश्यकता है।
