व्यापार

Gold & Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट, बजट से पहले निवेशकों में चिंता बढ़ी

Gold & Silver Price: पिछले एक साल से सोना और चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं। वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर आकर्षित किया, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ी और उनके दाम ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। लेकिन शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन इनकी कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए तेजी से बिक्री की, जिससे वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों के भाव गिर गए।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्या हुआ?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव 12,169 रुपये या 3.04 प्रतिशत गिरकर 3,87,724 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। इससे पहले चांदी ने गुरुवार को करीब 9 प्रतिशत की जोरदार तेजी दिखाते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था, लेकिन कारोबार खत्म होने तक इसकी कीमत 3,99,893 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। वहीं, फरवरी डिलीवरी वाले सोने की कीमत भी 2,162 रुपये या 1.28 प्रतिशत गिरकर 1,67,241 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। पिछले सत्र में सोने ने 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ था। कुल मिलाकर दोनों ही कीमती धातुओं में पिछले दिनों की तेज बढ़ोतरी के बाद इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया।

एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार, सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण गिरावट आई है। डॉलर के मजबूत होने से डॉलर बेस्ड सोने और चांदी की मांग कम हो जाती है, जिससे उनके दाम प्रभावित होते हैं। वहीं, विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) ने यह भी कहा है कि भारत में सोने की कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण इस साल सोने का आयात कम हो सकता है। क्योंकि बढ़ी हुई कीमतों से आभूषणों की मांग पर दबाव पड़ता है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है, इसलिए इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ेगा।

वैश्विक बाजारों का हाल और भविष्य की संभावनाएं

वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी के वायदा भाव गिरावट के साथ बंद हुए। कॉमेक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 118.06 डॉलर या 2.2 प्रतिशत गिरकर 5,236.74 डॉलर प्रति औंस रह गया। वहीं, चांदी वायदा भाव 4.17 डॉलर या करीब 4 प्रतिशत गिरकर 110.26 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। ऑगमोंट रिसर्च के चीफ रेनीशा चैनानी का मानना है कि सोने का 5,600 डॉलर (लगभग 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम) से ऊपर और चांदी का 4,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर जाना केवल अल्पकालिक सट्टेबाजी नहीं, बल्कि बढ़ते वैश्विक और भू-राजनीतिक तनावों का परिणाम है। हालांकि, इन अस्थिरताओं के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button