Earthquake: भूकंप के झटकों से हिली अंडमान की ज़मीन, लगातार तीसरे दिन भी खतरा बरकरार!

Earthquake: मंगलवार की सुबह असम के कार्बी आंगलोंग ज़िले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंपीय केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई। भूकंप सुबह 9:22 बजे आया और इसका केंद्र 25 किलोमीटर गहराई में स्थित था। राहत की बात यह रही कि किसी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
भूकंप का केंद्र और असर
भूकंप का केंद्र 26.51° उत्तर अक्षांश और 93.15° पूर्व देशांतर पर स्थित था। यह इलाका भूकंपीय दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जाता है, इसलिए यहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। हालांकि इस बार झटका अपेक्षाकृत हल्का था, फिर भी स्थानीय लोग कुछ देर के लिए दहशत में आ गए।
EQ of M: 4.1, On: 08/07/2025 09:22:19 IST, Lat: 26.51 N, Long: 93.15 E, Depth: 25 Km, Location: Karbi Anglong, Assam.
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अंडमान सागर और कश्मीर में भी कंपन
असम से पहले सोमवार को अंडमान सागर में 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। वहीं रविवार को भी इसी इलाके में समान तीव्रता का झटका महसूस हुआ था। इसके अलावा कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर में भी 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था जिसकी गहराई 9 किलोमीटर मापी गई थी। वहां भी कोई नुकसान नहीं हुआ।
आखिर क्यों आता है भूकंप?
भूकंप पृथ्वी के भीतर स्थित टेक्टोनिक प्लेट्स की गतिविधियों के कारण आता है। ये प्लेट्स धीरे-धीरे एक-दूसरे से टकराती हैं, फिसलती हैं या एक के नीचे दूसरी चली जाती हैं। जब ये प्लेट्स बहुत अधिक दबाव सहन नहीं कर पातीं, तो अचानक ऊर्जा के विस्फोट से धरती हिलती है जिसे हम भूकंप कहते हैं। जितना अधिक दबाव होता है, उतना ही तीव्र भूकंप महसूस किया जाता है।
तैयार रहना ज़रूरी है
भूकंप को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, लेकिन इससे बचने के लिए सावधानी और तैयारी ज़रूरी है। भूकंप आने पर खुले स्थान में जाना, बिजली के उपकरणों से दूर रहना, और मज़बूत चीज़ों के नीचे छिपना सबसे अच्छे उपाय हैं। सरकार को भी ज़रूरत है कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट सिस्टम को और मज़बूत बनाए।