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Delhi Stray Dogs: दिल्ली में आवारा कुत्तों पर विवाद! आयरिश राइटर ने जताई गहरी चिंता, बोले- “10 लाख जानवर खतरे में”

Delhi Stray Dogs: दिल्ली में पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच आयरलैंड के लेखक और एनिमल रेस्क्यूर नियाल हार्बिसन ने दिल्ली में जानवरों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राजधानी में करीब 10 लाख जानवर गंभीर खतरे में हैं और यहां जानवरों की हालत दुनिया में सबसे खराब है।

रोहिणी शेल्टर होम को बताया ‘टॉर्चर रूम’

नियाल हार्बिसन, जो The Happy Doggo संगठन के फाउंडर हैं, हाल ही में दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने रोहिणी के एक शेल्टर होम का दौरा किया, जहां कुत्तों को बिना बिजली, पंखे और खाने के बंद कर दिया गया था। उन्होंने इसे “टॉर्चर रूम” करार दिया। नियाल ने बताया कि बाहर प्रदर्शन कर रहे लोग इन कुत्तों की रिहाई की मांग कर रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि शेल्टर होम के पास सामूहिक रूप से दफनाए गए कुत्तों की कब्रें भी उन्हें दिखाईं गईं।

सड़क पर देखा कुत्ते पर जुल्म

नियाल ने यह भी बताया कि केवल शेल्टर होम ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी उन्होंने जानवरों पर हो रही क्रूरता को देखा। उन्होंने साझा किया कि जब वे रोहिणी से लौट रहे थे, तो उन्होंने एक आवारा कुत्ते ‘भोला’ को पीटते हुए देखा। उन्होंने भोला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं—एक तस्वीर में भोला सड़क पर पड़ा था और दूसरी में वेटरनरी डॉक्टर के बेड पर। दुख की बात यह रही कि बाद में भोला की मौत हो गई।

एनिमल लवर्स पर भी हमले

नियाल हार्बिसन ने यह भी बताया कि दिल्ली में न केवल कुत्तों पर हिंसा होती है, बल्कि उन लोगों को भी निशाना बनाया जाता है जो उन्हें खाना खिलाते या बचाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल्ली के एनिमल लवर्स से वादा किया है कि वे उनकी आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने अपने पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी टैग किया, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की थी।

सुप्रीम कोर्ट का संशोधित आदेश

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले आदेश दिया था कि करीब 10 लाख कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए। इस आदेश की कड़ी आलोचना हुई। बाद में कोर्ट ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए कहा कि सभी कुत्तों को वैक्सिनेशन और नसबंदी के बाद उनके क्षेत्र में छोड़ा जाए, जबकि आक्रामक और बीमार कुत्तों को शेल्टर में रखा जाए। साथ ही, कोर्ट ने जानवरों के लिए फीडिंग सेंटर बनाने का भी निर्देश दिया है।

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