Crime News: “स्पेशल 26” जैसी चोरी! 1 किलो सोना गायब और पुलिस ने 72 घंटे में कैसे पकड़ी पूरी गैंग?

Crime News: दिल्ली के व्यस्त करोल बाग इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने दिल्ली पुलिस को भी सकते में डाल दिया। इस घटना में एक गिरोह ने फर्जी छापे, नकली पहचान पत्र, और बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ से प्रेरित योजना का इस्तेमाल कर 1 किलो से अधिक सोना एक ज्वैलरी वर्कशॉप से चोरी कर लिया। घटना का तरीका इतना पेशेवर था कि लगेगा जैसे यह किसी फ़िल्म का सीन हो। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। केवल 72 घंटों में, लगभग 1200 किलोमीटर की अंतरराज्यीय chase, दर्जनों छापे और 250 से अधिक CCTV फुटेज की समीक्षा के बाद, दिल्ली पुलिस ने गिरोह को धर दबोचा। इस केस में सामने आई दिलचस्प जानकारी ने मामले को और रोमांचक बना दिया।
अंतरराज्यीय chase के बाद पकड़े गए आरोपी
करोल बाग की ज्वैलरी वर्कशॉप से सोने की चोरी करने वाले गिरोह को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी खुद को दिल्ली पुलिस और आयकर विभाग के अधिकारी बताकर फर्जी छापा मारते थे। 72 घंटे की लगातार कार्रवाई और दिल्ली-हरियाणा में फैली लगभग 1200 किलोमीटर की chase के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य सदस्य संदीप, राकेश, शमिंदर पाल, लवप्रीत सिंह (काका), और पारविंदर को गिरफ्तार किया। पुलिस अब बचे हुए सोने और फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
जांच में क्या-क्या बरामद हुआ?
जांच के दौरान पुलिस ने 435.03 ग्राम सोना, 3.97 लाख रुपये नकद, और अपराध में इस्तेमाल होने वाली Brezza, Urban Cruiser और Swift Dzire कारें बरामद कीं। इसके अलावा, फर्जी दिल्ली पुलिस के पहचान पत्र और लैनयार्ड भी जब्त किए गए। पुलिस ने घटना की 250 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया और तीन संदिग्ध वाहनों की पहचान की। इसके बाद दिल्ली, बहादुरगढ़, गुड़गांव, सोनीपत, रोहतक, हांसी, झज्जर, जींद और हिसार में लगातार छापे मारे गए। पुलिस को पहला बड़ा सफलता तब मिली जब मुख्य आरोपी संदीप को बहादुरगढ़ से गिरफ्तार किया गया। उसके बयान के आधार पर अन्य चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
फ़िल्म ‘स्पेशल 26’ से मिली योजना और गिरोह की साजिश
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने चोरी की योजना बॉलीवुड फ़िल्म ‘स्पेशल 26’ से प्रेरणा लेकर बनाई थी। संदीप ने खुद को OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) मध्य प्रदेश सरकार में बताकर टीम तैयार की थी। पारविंदर ने इलाके में बड़े पैमाने पर सोने के व्यापार की जानकारी जुटाई और उसके आधार पर आयकर और पुलिस अधिकारियों का भेष धारण कर ज्वैलरी लूटने की साजिश रची गई। चोरी किए गए 428 ग्राम सोने को पहले ही बेच दिया गया था और पैसा गिरोह में बांट दिया गया। अब पुलिस बचे हुए सोने की बरामदगी की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में और भी योजनाबद्ध अपराध करने की फिराक में था।
