टेक्नॉलॉजी

Budget 2026: IT सेक्टर बना विकास इंजन, AI और सेमीकंडक्टर पर बड़ा दांव

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर को लेकर बड़े और दूरगामी ऐलान किए हैं। अपने नौवें बजट भाषण में उन्होंने आईटी सेक्टर को विकसित भारत का इंजन बताया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट आरएंडडी में ग्लोबल लीडर है। सरकार ने इन सभी गतिविधियों को आईटी सर्विसेज की कैटेगरी में शामिल करते हुए इनके लिए सेफ हार्बर मार्जिन 15.5 प्रतिशत तय किया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर लिमिट को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे आईटी कंपनियों को टैक्स विवादों से राहत मिलेगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर पर बड़ा जोर

बजट भाषण में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया। वित्तमंत्री ने कहा कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि गवर्नेंस सुधारने का टूल बनाया जाएगा। देश के सभी जिलों में एआई आधारित समाधान लागू करने की तैयारी है, जिससे सरकारी सेवाएं तेज और पारदर्शी बन सकें। इसके साथ ही युवाओं के लिए 10,000 टेक फेलोशिप की घोषणा की गई है। ये फेलोशिप आईआईटी और आईआईएससी जैसे संस्थानों में शुरू होंगी, ताकि एआई और डीप टेक में रिसर्च को बढ़ावा मिले। हेल्थ सेक्टर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की बायोफार्मा शक्ति योजना लाई गई है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

एआई, टेलीकॉम और डिजिटल इंडिया का अगला चरण

इस बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए फोर्स मल्टीप्लायर बताया गया है। वित्तमंत्री ने माना कि एआई और नई तकनीकों से नौकरियों पर असर पड़ेगा, लेकिन सही स्किल डेवलपमेंट से इस चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। इसी सोच के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा निवेश प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने टेलीकॉम और कम्युनिकेशन सेक्टर के लिए लगभग 76,000 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान जताया है। यह बजट डिजिटल इंडिया मिशन के अगले चरण के रूप में पेश किया गया है। वित्तमंत्री ने कहा कि टेलीकॉम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर भारत की अर्थव्यवस्था का ऑपरेटिंग सिस्टम हैं। आने वाले पांच सालों में डेटा सेंटर्स के विस्तार के साथ 5G और 6G कनेक्टिविटी को देशभर में मजबूत किया जाएगा।

कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग और युवाओं के लिए नए अवसर

बजट 2026 में एवीसीजी यानी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, कॉमिक्स और गेमिंग सेक्टर को भी खास तवज्जो दी गई है। वित्तमंत्री ने घोषणा की कि देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर्स के लिए विशेष लैब्स खोली जाएंगी। इन लैब्स को IIIT मुंबई की मदद से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स सिखाने के लिए पांच नए टाउनशिप बनाए जाएंगे, जहां शिक्षा के साथ इंडस्ट्री ट्रेनिंग के मौके भी मिलेंगे। गेमिंग स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों को सपोर्ट देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड भी रखा गया है। सरकार का मानना है कि कंटेंट क्रिएशन, एनीमेशन और गेमिंग भारत में तेजी से उभरते सेक्टर हैं, जिनमें युवाओं के लिए करीब 20 लाख नई नौकरियां पैदा होने की क्षमता है। कुल मिलाकर बजट 2026 में टेक और आईटी सेक्टर को भारत की भविष्य की ताकत के रूप में पेश किया गया है।

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