वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी हलचल, फिटमेंट फैक्टर पर हो सकता बड़ा फैसला

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8th Pay Commission को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। आयोग ने ड्राफ्टिंग और कंसल्टेशन प्रक्रिया को तेज करते हुए कई अहम बैठकों का शेड्यूल तय किया है। इन बैठकों में कर्मचारी यूनियनों, एसोसिएशनों और विभिन्न केंद्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पक्षों की राय लेकर एक संतुलित वेतन संरचना तैयार की जाए, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को लाभ मिल सके।
दिल्ली और पुणे में होगी अहम स्टेकहोल्डर बैठकें
आयोग की पहली बड़ी बैठकें नई दिल्ली और पुणे में आयोजित की जाएंगी। शेड्यूल के अनुसार 28, 29 और 30 अप्रैल को नई दिल्ली में चर्चा होगी, जबकि 4 और 5 मई को पुणे में बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद आयोग मुंबई और अन्य राज्यों में भी स्टेकहोल्डर्स से संवाद करेगा। इन बैठकों में शामिल होने के लिए संगठनों को पहले से अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य होगा और एक मेमोरेंडम भी जमा करना होगा, जिसमें उनके सुझाव और मांगें दर्ज होंगी।

फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि पर सबसे ज्यादा फोकस
कर्मचारी यूनियन सबसे ज्यादा जोर फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी पर दे रहे हैं। फिलहाल फिटमेंट फैक्टर 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 3.25 करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 41,000 से 51,480 रुपये तक करने की मांग उठ रही है। यही मुद्दे इन बैठकों का मुख्य केंद्र होंगे। माना जा रहा है कि इन्हीं फैसलों के आधार पर लाखों कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव हो सकता है।
कंसल्टेंट वैकेंसी और आवेदन प्रक्रिया भी शुरू
आयोग ने अपनी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए कंसल्टेंट्स की 20 वैकेंसी भी निकाली हैं। यह फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों तरह की भूमिकाएं होंगी, जिनमें फुल-टाइम के लिए लगभग 1.80 लाख रुपये मासिक वेतन रखा गया है। इच्छुक उम्मीदवारों को ऑफिशियल पोर्टल 8cpc.gov.in या MyGov प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन मेमोरेंडम जमा करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है, जिसके बाद चयनित प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने के लिए ईमेल के माध्यम से आमंत्रित किया जाएगा।
