Bangalore incident: श्रद्धालुओं पर गिरा 100 फीट ऊंचा रथ, दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल

Bangalore incident। बेंगलुरु ग्रामीण जिले के अनेकल में आयोजित मड्डूरम्मा देवी जात्रे के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। शनिवार शाम करीब 6 बजे मेले में श्रद्धालुओं पर 100 फीट ऊंचा रथ गिर गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रथ को गिरते हुए और लोगों में मची भगदड़ को साफ देखा जा सकता है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा बेंगलुरु के ग्रामीण इलाके होसूर के पास स्थित एक गांव में मड्डूरम्मा देवी जात्रे के दौरान हुआ। मड्डूरम्मा जात्रे एक प्रसिद्ध ग्रामीण मेला है, जिसमें देवी की पूजा-अर्चना के लिए हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। जात्रे में देवी की प्रतिमा को एक भव्य रथ पर रखा जाता है और श्रद्धालु मिलकर उस रथ को खींचते हैं। शनिवार को भी यही प्रक्रिया चल रही थी, जब अचानक रथ असंतुलित होकर श्रद्धालुओं पर गिर पड़ा।
रथ की ऊंचाई लगभग 100 फीट थी और उसका वजन काफी भारी था। जब श्रद्धालु उसे खींच रहे थे, तब रथ अचानक डगमगाने लगा और कुछ ही क्षणों में संतुलन खोकर भीड़ पर आ गिरा। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।
घटना का वीडियो वायरल
इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे रथ श्रद्धालुओं पर गिरता है। वीडियो में लोग चीख-पुकार करते हुए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। रथ गिरने से कई लोग उसके नीचे दब गए।
एक की मौत, दो घायल
हादसे में घायल दो लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं, दूसरे व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीण एसपी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों का इलाज किया जा रहा है और बचाव अभियान जारी है।
रथ गिरने का कारण क्या था?
प्राथमिक जांच में पता चला है कि रथ गिरने का कारण उसकी असंतुलित संरचना और भारी वजन था। श्रद्धालुओं द्वारा रथ को खींचे जाने के दौरान उसकी रस्सियां टूट गईं, जिससे रथ का संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़ा। हादसे के बाद पुलिस ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच शुरू कर दी है।
मेले में मची भगदड़
रथ गिरते ही मेले में भगदड़ मच गई। हादसे के बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई महिलाएं और बच्चे भी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया। पुलिस ने घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया और रथ को हटाने का काम शुरू किया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मेले में सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण रथ की रस्सियां कमजोर थीं, जो टूट गईं और यह बड़ा हादसा हो गया।
मड्डूरम्मा देवी जात्रे का महत्व
मड्डूरम्मा देवी जात्रे बेंगलुरु ग्रामीण क्षेत्र में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। इस मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए जुटते हैं। जात्रे में रथ यात्रा का विशेष महत्व होता है, जिसमें देवी की मूर्ति को रथ पर विराजित कर भक्तों द्वारा खींचा जाता है।
रथ हादसे से मेले की रौनक फीकी
इस हादसे के बाद मेले की रौनक फीकी पड़ गई। मेले में आए श्रद्धालु इस दुर्घटना से बेहद आहत हैं। पुलिस प्रशासन ने मेले को समय से पहले समाप्त करने का निर्णय लिया और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया।
राजनीतिक नेताओं ने जताया दुख
इस हादसे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की घोषणा की और हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह हादसा प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। मेले जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। रथ गिरने की घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेंगलुरु ग्रामीण जिले में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक है। मड्डूरम्मा देवी जात्रे के दौरान हुआ यह हादसा आयोजकों की लापरवाही को दर्शाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए था, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। अब प्रशासन को इस घटना से सबक लेकर भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना चाहिए, ताकि धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।