Elon Musk के लिए बुरी खबर: भारत में Tesla को सिर्फ 600 ऑर्डर, ड्रीम प्रोजेक्ट पर संकट

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला के मालिक Elon Musk को भारत में करारा झटका लगा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला को अब तक केवल 600 कारों के ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने जुलाई के मध्य में भारत में आधिकारिक बिक्री शुरू की थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल कंपनी का प्लान 350 से 500 कारें भारत भेजने का है, जिनकी पहली खेप सितंबर की शुरुआत में शंघाई से पहुंचेगी।
भारत में टेस्ला का सफर और कमजोर शुरुआत
जुलाई 2025 में टेस्ला ने मुंबई में अपना पहला स्टोर खोलकर भारत में आधिकारिक एंट्री की थी। इसके बाद अगस्त में दिल्ली में दूसरा शोरूम भी शुरू हुआ। इंटरनेट और मीडिया में टेस्ला कारों को भारतीय सड़कों पर देखने की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन कंपनी को बुकिंग के मामले में निराशाजनक नतीजे मिले। कंपनी का आकलन पूरी पेमेंट पर आधारित है और फिलहाल डिलीवरी सिर्फ उन्हीं चार शहरों तक सीमित है जहां स्टोर मौजूद हैं—मुंबई, दिल्ली, पुणे और गुरुग्राम।

कीमत और बाजार की चुनौती
टेस्ला ने भारत में मॉडल Y को लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है। हालांकि, भारतीय बाजार से इसे उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। कंपनी ने साल 2025 में 2,500 कारें बेचने का लक्ष्य रखा था, लेकिन भारी इंपोर्ट ड्यूटी और कीमत-संवेदनशील भारतीय बाजार इसकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन गए। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अभी कुल कार बिक्री का महज 4% है। ऐसे में प्रीमियम रेंज की महंगी कारें ग्राहकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पा रही हैं।
इंपोर्ट ड्यूटी बनी बड़ी बाधा
भारत में टेस्ला की बिक्री कमजोर रहने की सबसे बड़ी वजह है भारी इंपोर्ट ड्यूटी। क्योंकि फिलहाल टेस्ला कारें भारत में पूरी तरह इंपोर्ट की जा रही हैं। नियमों के मुताबिक, 40,000 डॉलर (CIF वैल्यू) से कम कीमत वाले वाहनों पर 70% और इससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर 100% ड्यूटी लगती है। यानी टेस्ला की कार की वास्तविक कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है। यही कारण है कि शुरुआती उत्साह के बावजूद ग्राहक बड़ी संख्या में बुकिंग करने से पीछे हट गए।
