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ADAG Bank Farud Case: अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित हलफनामा देकर देश न छोड़ने का भरोसा दिया

ADAG Bank Farud Case: बिजनेसमैन अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित हलफनामा दाखिल करते हुए आश्वासन दिया है कि वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। 4 फरवरी को उनके वकील ने मौखिक रूप से यह भरोसा कोर्ट को दिया था। हलफनामे में अनिल अंबानी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे 25 जुलाई के बाद से देश से बाहर नहीं गए हैं और फिलहाल बाहर जाने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में देश से बाहर जाने की आवश्यकता हुई तो पहले अदालत से अनुमति लेंगे।

बैंक लोन घोटाले के आरोप में जांच जारी

अनिल अंबानी पर रिलायंस एडीएजी समूह की कंपनियों में लगभग 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले का आरोप है। यह मामला पूर्व आईएएस अधिकारी ईएएस सरमा की याचिका से जुड़ा है, जिसमें अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह हेराफेरी साल 2007 से चल रही है, लेकिन इस पर अब जाकर एफआईआर दर्ज हुई है। याचिकाकर्ता ने बताया कि 2013 से 2017 के बीच ADAG की सहायक कंपनियों रिलायंस इंफ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम ने स्टेट बैंक समूह से 31,580 करोड़ रुपये का लोन लिया, जिसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और हजारों करोड़ रुपए का गबन हुआ।

ADAG Bank Farud Case: अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित हलफनामा देकर देश न छोड़ने का भरोसा दिया

जांच एजेंसियों के साथ सहयोग का भरोसा

हलफनामे में अनिल अंबानी ने कहा कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई की जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि ED ने उन्हें 26 फरवरी को पेश होने के लिए समन भेजा है। इसके अलावा, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां जरूरी कदम उठाएंगी। अनिल अंबानी ने स्पष्ट किया कि वे जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा नहीं डालेंगे।

याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की

याचिकाकर्ता ने इस मामले को हजारों करोड़ रुपए के सार्वजनिक धन की हेराफेरी बताया है और सुप्रीम कोर्ट से निष्पक्ष जांच की निगरानी करने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ADAG समूह की कंपनियों द्वारा लिया गया लोन सही तरीके से वापस नहीं किया गया और यह पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल हुआ। इस मामले में कोर्ट की निगरानी में जांच पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो।

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